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50 साल बाद चांद की ओर उड़ान, NASA ने लॉन्च किया आर्टेमिस 2 मिशन

नासा ने आर्टेमिस II मिशन कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे. यह मिशन भविष्य में चंद्रमा और मंगल ग्रह पर मानव मिशन के लिए रास्ता तैयार करेगा.

50 साल बाद चांद की ओर उड़ान, NASA ने लॉन्च किया आर्टेमिस 2 मिशन
  • नासा ने आर्टेमिस II मिशन कैनेडी स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक लॉन्च किया है, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं
  • यह मिशन आर्टेमिस कार्यक्रम का पहला मानव-सहित ऑपरेशन है जो चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा करेगा
  • आर्टेमिस II के तहत अंतरिक्ष यात्री लगभग दस दिनों तक चंद्रमा के आसपास घूमकर पृथ्वी पर वापस लौटेंगे
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नासा ने 'आर्टेमिस II मिशन' कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्‍च कर दिया है. अमेरिकी समय के अनुसार, शाम 6 बजकर 24 मिनट (भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 3:54 बजे) से शुरू हुआ. इस मून मिशन में  चार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की परिक्रमा के लिए भेजा गया है. आर्टेमिस II भविष्य में चंद्रमा पर उतरने के साथ-साथ मंगल ग्रह पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने जैसे अगले बड़े कदम का रास्‍ता साफ करेगा. इस मिशन में नासा के चार अंतरिक्ष यात्री चांद के चारों ओर चक्कर लगाएंगे. यह नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का पहला मानव-सहित ऑपरेशन है.

चंद्रमा के चारों ओर घूमकर 10 दिन बाद लौटेगा यान

आर्टेमिस 2 मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जिनमें नासा से रीड वाइजमैन (अभियान प्रमुख), विक्टर ग्लोवर (अभियान चालक), क्रिस्टीना कोच (अभियान विशेषज्ञ) और कनाडा की अंतरिक्ष संस्था से जेरेमी हैंसन (अभियान विशेषज्ञ) हैं. प्रक्षेपण के बाद ये सभी रॉकेट के माध्यम से अंतरिक्ष में जाएंगे और ‘इंटीग्रिटी' नामक ओरियन अंतरिक्ष यान में सवार होकर चंद्रमा के चारों ओर घूमकर लगभग 10 दिनों की यात्रा के बाद वापस लौटेंगे. यह अभियान प्रक्षेपण यान और ओरियन अंतरिक्ष यान का पहला मानव-सहित परीक्षण है, जिसमें उन तकनीकों की जांच की जाएगी जो लंबे समय तक चंद्र अन्वेषण और मानव को मंगल ग्रह तक भेजने के लिए आवश्यक हैं.

आर्टेमिस II मिशन क्‍यों है खास? 

  • इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड भी बना सकते हैं.
  •  इससे पहले यह रिकॉर्ड अपोलो 13 मिशन के नाम था. 
  • आर्टेमिस II मिशन में कई अहम सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा, जिसमें इमरजेंसी प्रक्रियाएं, रेडिएशन से सुरक्षा और लेजर आधारित एडवांस कम्युनिकेशन तकनीक शामिल हैं. 
  • यह मिशन भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिसमें चंद्रमा पर मानव मिशन और आगे चलकर मंगल ग्रह तक जाने की तैयारी शामिल है. 
  • आर्टेमिस कार्यक्रम नासा की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति बनाना और भविष्य में मंगल ग्रह तक मानव मिशन को संभव बनाना है.

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50 साल NASA का मून मिशन 

नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर अमित क्षत्रिय ने बताया कि 53 साल पहले इंसान चांद से लौट आया था और फिर वापस नहीं गया. अब हम फिर से वहां जा रहे हैं. यानि 50 साल बाद नासा ने फिर मून मिशन शुरू किया है. आर्टेमिस 2 रॉकेट कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से लॉन्च हुआ. यह मिशन 10 दिनों का है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद के बहुत करीब जाएंगे, लेकिन वहां उतरेंगे नहीं. पिछले महीने तकनीकी कारणों से मिशन में देरी हुई थी, लेकिन अब इसे सफलतापूर्वक लॉन्‍च कर दिया गया है. 

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