कॉमनवेल्थ गेम्स के मौजूदा चैंपियन अरशद नदीम ने स्विट्जरलैंड में खराब मौसम की वजह से हुई मुश्किलों को पीछे छोड़ दिया है और पुरुषों के जैवलिन थ्रो क्वालिफिकेशन राउंड के लिए 'पूरी तरह तैयार' हैं. यह बात उनके लंबे समय से कोच रहे सलमान बट ने बताई है. अरशद, पाकिस्तान की ओर से मेडल जीतने की सबसे बड़ी उम्मीद हैं (क्योंकि देश के एथलीटों का अब तक का सफर बिना किसी मेडल के रहा है), इस महीने की शुरुआत में स्विट्जरलैंड में ल्यूसर्न सिल्वर मीट में नौवें स्थान पर रहे थे. लेकिन 30 जुलाई को होने वाले क्वालिफायर से पहले उन्होंने ग्लासगो के हालात के हिसाब से खुद को ढाल लिया है.
बट ने फोन पर PTI को बताया, 'देखिए, बारिश की वजह से अरशद को मुकाबले से पहले सही तैयारी का मौका नहीं मिला और गीली सतह के हिसाब से खुद को ढालने में उन्हें समय लगा.' उन्होंने कहा कि मौजूदा ओलंपिक चैंपियन को लाहौर की गर्मी में ट्रेनिंग कैंप से सीधे स्विट्जरलैंड पहुंचने के बाद अपनी लय पाने में संघर्ष करना पड़ा.
ग्लासगो में हालात के हिसाब से खुद को ढाल रहे नदीम
बट ने कहा, 'वह स्विट्जरलैंड में लय नहीं पकड़ पाए थे, लेकिन अब ग्लासगो में वैसे ही हालात के हिसाब से खुद को ढाल रहे हैं. वह क्वालिफायर के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इस मुकाबले में फिर से अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं.' अरशद ल्यूसर्न में 78.47 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर पाए, जो पिछले कुछ वर्षों में उनके प्रदर्शन के स्तर से काफी कम था.
कॉमनवेल्थ गेम्स में मोहम्मद यासिर भी लेंगे हिस्सा
पाकिस्तान के इस स्टार खिलाड़ी ने 2022 में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के नीरज चोपड़ा की गैर-मौजूदगी में गोल्ड मेडल जीता था. क्वालिफिकेशन राउंड में उनके साथ उनके देश के ही मोहम्मद यासिर भी हिस्सा लेंगे.
भारत इस इवेंट में नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यशवीर सिंह को उतारेगा. क्वालिफिकेशन राउंड में बीस एथलीट हिस्सा लेंगे, जिनमें से शीर्ष 12 खिलाड़ी फाइनल में पहुंचेंगे. ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन का मार्क 83 मीटर तय किया गया है. अरशद और नीरज के बीच बहुप्रतीक्षित प्रतिद्वंद्विता के कारण इस इवेंट में काफी दिलचस्पी देखी जा रही है.
जहां नीरज फिटनेस की समस्याओं के कारण 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे, वहीं अरशद ने गोल्ड मेडल जीता और बाद में 2024 में पेरिस में ओलंपिक खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. उन्होंने 92.97 मीटर का रिकॉर्ड थ्रो किया, जो ओलंपिक और एशियाई रिकॉर्ड है. पाकिस्तान ने अभी तक इन खेलों में अपना मेडल खाता नहीं खोला है, हालांकि स्प्रिंटर फाइका रियाज़ ने महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया, लेकिन वह फाइनल में जगह नहीं बना पाईं.
मोहम्मद यासिर कौन हैं?
मोहम्मद यासिर सुल्तान पाकिस्तान के जैवलिन थ्रो एथलीट हैं, जिनका जन्म 1 मई 1998 को हुआ था. वह हाल के वर्षों में पाकिस्तान के उभरते हुए भाला फेंक खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं और 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर चर्चा में आए थे.
मोहम्मद यासिर का बेस्ट थ्रो कितना है?
- पर्सनल बेस्ट: 79.93 मीटर
- तारीख: 16 जुलाई 2023
- स्थान: बैंकॉक, थाईलैंड
मोहम्मद यासिर की उपलब्धियां
- 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप - ब्रॉन्ज मेडल (79.93m)
- 2025 इस्लामिक सॉलिडेरिटी गेम्स - सिल्वर मेडल (76.04m)
- 2026 एशियन थ्रोइंग चैंपियनशिप - सिल्वर मेडल (78.10m)
यासिर क्यों है गोल्डन बॉय के सामने नई चुनौती?
यासिर का बेस्ट थ्रो भले 80 मीटर से कम हो, लेकिन जैवलिन में उलटफेर नए नहीं हैं. कभी अरशद नदीम को भी नीरज चोपड़ा के मुकाबले कमतर माना जाता था, लेकिन उन्होंने पेरिस 2024 ओलंपिक के मंच पर इतिहास रचकर सबको चौंका दिया था.
नीरज चोपड़ा बनाम अरशद नदीम का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
दोनों एथलीटों के बीच हेड-टू-हेड रिकॉर्ड की बात करें तो नीरज चोपड़ा अपने पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 10-1 से आगे हैं. अरशद नदीम सिर्फ एक बार जीते हैं, और वह भी 2024 पेरिस ओलंपिक में, जब उन्होंने 92.97 मीटर के ओलंपिक रिकॉर्ड थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता था. नीरज चोपड़ा ने 89.45 मीटर के अपने सीज़न-बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता. नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम के बीच पहली भिड़ंत 2016 में गुवाहाटी में हुए साउथ एशियन गेम्स में हुई थी. चोपड़ा ने 82.23 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि नदीम को ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा.
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(पीटीआई इनपुट के साथ)
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