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This Article is From Dec 10, 2025

आसमान में दिखा एक बैलून और यूरोप के देश ने लगा दी इमरजेंसी... आखिर इसका क्या है पुतिन कनेक्शन

यूरोप के इस देश में राष्ट्रीय आपातकाल (नेशनल इमरजेंसी) लगने का मतलब है कि सेना अब बॉर्डर से लगे इलाकों में गश्त करने लगेगी. साथ ही उसे किसी भी संदिग्ध की तलाशी या उसे हिरासत में लेने का अधिकार मिल जाएगा.

आसमान में दिखा एक बैलून और यूरोप के देश ने लगा दी इमरजेंसी... आखिर इसका क्या है पुतिन कनेक्शन
  • लिथुआनिया ने बेलारूस की ओर से आए गुब्बारों को सुरक्षा जोखिम मानते हुए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है
  • बेलारूस ने लिथुआनिया के हवाई क्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया है, जिससे सीमा पर तनाव बढ़ा है
  • लिथुआनिया NATO का सदस्य है और यूक्रेन युद्ध में रूस के खिलाफ स्टैंड रखते हुए सुरक्षा उपाय बढ़ा रहा है

यूरोपीय देश लिथुआनिया की सरकार ने मंगलवार, 9 दिसंबर को अपने यहां राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की कर दी. इसके पीछे की वजह भी थोड़ी हटकर है. दरअसरल लिथुआनिया के पड़ोसी मुल्क और रूस के सहयोगी बेलारूस से कई गुब्बारे उड़ाए गए थे जो उड़कर लिथुआनिया पहुंच गया है. इसे लिथुआनिया की सरकार ने अपने देश के सुरक्षा जोखिम माना है क्योंकि बेलारून ने हाल के हफ्तों में कई बार लिथुआनिया के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है.

बेलारूस के नेता सीमा पर जारी तनाव के बीच बातचीत करके मामला सुलझाने को कहा है. उन्होंने कहा है कि कि उनका देश कोई युद्ध नहीं चाहता है.

एक बैलून से फैल गई दहशत

वैसे तो इन गुब्बारों का उपयोग लिथुआनिया में सिगरेट की तस्करी के लिए किया जाता है. लेकिन चूंकि यह बैलून बार-बार बेलारूस की तरफ से आ रहे हैं, लिथुआनिया की सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती. ये आम बैलून नहीं हैं बल्कि मौसम विभाग द्वारा उपयोग किया जाने वाले बैलून हैं.

एपी की रिपोर्ट के अनुसार इन बैलून ने लिथुआनिया को अपने सबसे बड़े एयरपोर्ट को बार-बार बंद करने के लिए मजबूर कर दिया है, जिससे हजारों लोग फंस गए. दरअसल यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के साथ ही NATO गठबंधन में शामिल देश अपने हवाई क्षेत्र में किसी तरह के घुसपैठ को लेकर अलर्ट पर हैं. लिथुआनिया के प्रधान मंत्री इंगा रुगिनीने ने कहा, "बेलारूसी हाइब्रिड हमले का मुकाबला करने के लिए, हमें सख्त कदम उठाने चाहिए और इस हमले से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों की रक्षा करनी चाहिए."

आपातकाल की घोषणा यहां कि कैबिनेट बैठक के बाद की गई. लिथुआनिया NATO का सदस्य देश है और रूसी सेनाओं के खिलाफ लड़ाई में यूक्रेन का मजबूत समर्थक है.

लिथुआनिया में आपातकाल लगने के बाद क्या होगा?

एपी की रिपोर्ट के अनुसार लिथुआनिया में राष्ट्रीय आपातकाल का मतलब है कि सेना अब बॉर्डर से लगे इलाकों में गश्त करने लगेगी. साथ ही उसे देश की संसद से अतिरिक्त शक्तियां प्राप्त हो जाएंगी. वो संदिग्धों की तलाशी या लोगों को हिरासत में भी ले सकेगी.

लिथुआनिया की सरकार ने कहा कि आपातकाल का नागरिकों पर प्रभाव सीमित होगा.

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