- अमेरिका ने बगदाद में अपने नागरिकों को अगले 24 से 48 घंटों में इराक छोड़ने की सख्त चेतावनी दी है
- ईरान समर्थक हथियारबंद गुट अगले एक से दो दिनों में बगदाद में अमेरिकी दूतावास समेत अन्य स्थानों पर हमले कर सकते
- अमेरिकी दूतावास ने कहा कि इराकी सरकार ने अपने क्षेत्र से आतंकवादी हमलों को रोकने में असफलता दिखाई है
मिडिल ईस्ट में चल रहे भयानक युद्ध के बीच अमेरिका ने इराक के बगदाद में रह रहे अपने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने को कहा है. बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने सभी अमेरिकी नागरिकों से इराक छोड़ने की अपील की है और चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर राजधानी में संभावित हमले हो सकते हैं. अमेरिका ने चेतावनी दी कि इराक में ईरान समर्थक हथियारबंद गुट अगले एक-दो दिनों में शहर पर हमला कर सकते हैं.
'ईरान समर्थक हथियारबंद गुट कर सकते हैं हमले'
दरअसल ईरान और अमेरिका-इजरायल के युद्ध में इराक भी घसीटा गया है. ऐसे में अब इराक में ईरान समर्थक हथियारबंद गुट हमले कर सकते हैं. बगदाद में शहर के बीचों-बीच स्थित अमेरिकी दूतावास को बार-बार निशाना बनाया गया है. इस बीच गुरुवार को अमेरिका ने राजधानी के मध्य हिस्सों में और हमलों की चेतावनी दी.
दूतावास ने एक्स पर एक बयान में कहा, 'ईरान से जुड़े इराकी आतंकवादी मिलिशिया गुट अगले 24-48 घंटों में मध्य बगदाद में हमले करने की योजना बना सकते हैं.' इसने इराक में मौजूद अमेरिकियों को देश छोड़ने की अपनी पिछली सलाह को दोहराया.
इराक में कम हुए थे हमले लेकिन...
हाल के दिनों में इराक में हमलों की संख्या में कमी आई है, जब प्रभावशाली ईरान समर्थक गुट 'कताइब हिज़्बुल्लाह' ने 19 मार्च को हमलों पर रोक लगाने की घोषणा की थी, जिसे दो बार बढ़ाया भी गया था. लेकिन बुधवार रात को अपनी पिछली रोक की समय सीमा समाप्त होने के बाद, इस गुट ने इसे आगे बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की.
क्या अमेरिका और इराक में ठनी?
पिछले महीने वाशिंगटन और बगदाद ने कहा था कि वे हमलों को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए सहयोग बढ़ाएंगे कि इराकी धरती का इस्तेमाल अमेरिकी ठिकानों पर हमले शुरू करने के लिए न किया जाए. लेकिन गुरुवार को अमेरिकी दूतावास के बयान में कहा गया कि इराकी सरकार ने इराकी धरती पर या वहां से होने वाले आतंकवादी हमलों को नहीं रोका है. बयान में आगे कहा गया, 'ईरान से जुड़े आतंकवादी मिलिशिया गुट यह दावा कर सकते हैं कि वे इराकी सरकार से जुड़े हुए हैं.'
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कौन बना सकता है अमेरिकी ठिकानों को निशाना?
इराक का पूर्व अर्धसैनिक ग्रुप 'हशद अल-शाबी' जिसे 'पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज' (PMF) के नाम से भी जाना जाता है, हथियारबंद गुटों का एक विशाल ग्रुप है. ये गुट अब इराक की सेना का हिस्सा हैं, लेकिन इनमें ईरान समर्थक ऐसे गुट भी शामिल हैं, जो स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए जाने जाते हैं. युद्ध शुरू होने के बाद से इन गुटों और PMF को लगातार हमलों का निशाना बनाया गया है और इसके लिए उन्होंने अमेरिका और इजरायल को दोषी ठहराया है.
पेंटागन ने कहा है कि युद्ध के दौरान इराक में ईरान समर्थक हथियारबंद गुटों के खिलाफ हेलीकॉप्टरों द्वारा हमले किए गए हैं. वाशिंगटन ने उन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि उसने इराकी सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है. बुधवार को उत्तरी-पश्चिमी इराक में PMF के एक ठिकाने पर हुए हमले में तीन लड़ाके मारे गए थे. जिसके लिए PMF ने अमेरिका और इजरायल को दोषी ठहराया था.
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