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'सुरक्षित हाथों में हैं हमारे भारतीय दोस्त', होर्मुज में फंसे इंडियन शिप को लेकर ईरान की 'फ्रेंडली गारंटी'

कम से कम आठ भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं.

'सुरक्षित हाथों में हैं हमारे भारतीय दोस्त', होर्मुज में फंसे इंडियन शिप को लेकर ईरान की 'फ्रेंडली गारंटी'
ईरान के आश्वासन के बाद अब तक कम से कम 8 भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं.
  • ईरान ने खाड़ी देशों के तनाव के बीच भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा का भरोसा दिया है
  • ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि भारतीय मित्र सुरक्षित हाथों में हैं और चिंता न करें
  • अब तक आठ भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं
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पश्चिम एशिया में जंग के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है. ईरान ने साफ कर दिया है कि खाड़ी देशों के तनावपूर्ण माहौल के बावजूद भारत को चिंता करने की दरकार नहीं है. होर्मुज स्ट्रेट इस वक्त वैश्विक संघर्ष का केंद्र बना हुआ है. इस इलाके में ईरान ने भारतीय जहाजों को सुरक्षा का भरोसा दिया है. ईरान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है 'हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं.'

भारत में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए अपनी मंशा साफ की है. दूतावास ने लिखा, "हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं है."

Our Indian friends are in safe hands, no worries 😉 https://t.co/5NqoSFlDPQ

— Iran in India (@Iran_in_India) April 1, 2026

ईरान ने मौजूदा तनाव के बीच रणनीतिक कदम उठाते हुए केवल अपने 'मित्र राष्ट्रों' को ही इस रास्ते से गुजरने की इजाजत दी है. इन देशों की सूची में भारत के साथ चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान शामिल हैं. हालांकि इस ब्लॉकगेड (घेराबंदी) की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है और भारत को भी सप्लाई चेन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है.

फंसे हुए जहाजों की क्या है स्थिति?

ताजा जानकारी के मुताबिक, ईरान के आश्वासन के बाद अब तक कम से कम 8 भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं. इनमें 'BW TYR' और 'BW ELM' जैसे बड़े एलपीजी कैरियर शामिल हैं. लेकिन चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत के लिए एलपीजी, कच्चा तेल और एलएनजी (LNG) लेकर आ रहे लगभग 19 जहाज अब भी वहां फंसे हुए हैं. 30 मार्च को एक अंतर-मंत्रालयी बैठक के दौरान बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फंसे हुए जहाजों में विदेशी झंडे वाले 10 जहाज भी शामिल हैं,जिनमें भारत का माल लदा है.

शिपिंग रूट पर संकट के बीच चौकसी

फंसे हुए जहाजों के बेड़े में भारतीय झंडे वाले भी कई टैंकर शामिल हैं. इसमें 3 एलपीजी, 1 एलएनजी और 4 कच्चे तेल के टैंकर हैं. इसके अलावा एक खाली टैंकर में एलपीजी भरने की प्रक्रिया चल रही थी.

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