लाओस की एक अंधेरी, संकरी और पानी से लबालब भरी गुफा में पिछले 10 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे खदान मजदूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन से राहत भरी खबर आई है. गोताखोरों ने बेहद खतरनाक और जानलेवा मिशन को अंजाम देते हुए शनिवार को चार और मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस गुफा में कुल सात लोग फंसे हुए थे. इनमें से एक को शुक्रवार को ही निकाल लिया गया था. हालांकि, दो लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें कर रही हैं.
यह पूरा रेस्क्यू मिशन किसी बुरे सपने से कम नहीं है. भारी बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ ने गुफा के रास्ते को रेत और मलबे से पूरी तरह ब्लॉक कर दिया था. इस वजह से ये लोग अंदर ही कैद हो गए थे. इन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू टीमों को गुफा से लगातार पानी बाहर पंप करना पड़ रहा है और लगातार ढहती दीवारों और मलबे के बीच से रास्ता बनाना पड़ रहा है.
चट्टान की ओट में कटीं रातें
जिन चार लोगों को बाहर निकाला गया, वे 27 मई 2026 को गुफा के एंट्री प्वाइंट से करीब 300 मीटर अंदर एक चट्टानी हिस्से पर एक-दूसरे से चिपककर बैठे मिले थे.
दो लापता लोगों को तलाश रही रेस्क्यू टीम
बाकी बचे दो लापता लोगों को ढूंढने के लिए अंतरराष्ट्रीय गोताखोरों की टीमें अब भी गुफा के बेहद संकरे और कीचड़ भरे रास्तों में रेंगते हुए आगे बढ़ रही हैं. इस मिशन की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें उन एक्सपर्ट गोताखोरों को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने कुछ साल पहले थाइलैंड की थाम लुआंग गुफा में फंसे बच्चों की फुटबॉल टीम को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई थी. माना जा रहा है कि ये सभी लोग सोने जैसी कीमती धातुओं और खनिजों की तलाश में गुफा के भीतर गए थे.
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