काबुल:
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई ने काबुल में शियाओं पर एक अप्रत्याशित हमले के लिए आज पाकिस्तानी चरमपंथियों को जिम्मेदार ठहराया और पाकिस्तान सरकार से इंसाफ मांगा। इस हमले में 55 लोगों की मौत हो गई थी। आतंकवादी संगठन लश्कर ए झांग्वी पर अंगुली उठाते हुए करजई ने पड़ोसी देश के साथ तनाव उत्पन्न होने की आशंका जतायी। उनकी धमकी ऐसे समय आयी है जब महज कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भविष्य पर बॉन सम्मेलन का बहिष्कार किया था। अफगान अधिकारियों को डर है कि काबुल और मजार ए शरीफ में कल की हत्याओं से वर्ष 2014 में नाटो की निर्धारित वापसी से पहले अफगानिस्तान में भी इराक और पाकिस्तान जैसी जातीय हिंसा सिर उठा सकती है। आज दक्षिणी हेलमंद प्रांत में एक बम विस्फोट में 19 लोग मारे गए जिससे पिछले 24 घंटे में मारे गए लोगों की संख्या 78 हो गयी है । मजार ए शरीफ में मस्जिद के समीप चार लोग मारे गए। ब्रिटेन की यात्रा रोककर जर्मनी से ही लौटे करजई ने घायलों को देखने के बाद कहा, हम पाकिस्तान और उसकी सरकार के साथ इस मुद्दे को गंभीरता से उठायेंगे।
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