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Ground Report: कॉफी पीने आए थे नेतन्याहू... यरूशलम के कैफे में पहुंचा NDTV, जानें वीडियो की सच्चाई 

एनडीटीवी ने यरुशलम के सताफ कैफे का दौरा किया, उसी जगह जहां दो दिन पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कॉफी पीने आए थे.

Ground Report: कॉफी पीने आए थे नेतन्याहू... यरूशलम के कैफे में पहुंचा NDTV, जानें वीडियो की सच्चाई 
  • इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की मौत को लेकर अफवाहों के बीच यरूशलम के सताफ कैफे से उनका वीडियो सामने आया
  • सताफ कैफे यरूशलम के पहाड़ी इलाके में स्थित है जहां नेतन्याहू ने दो दिन पहले कॉफी पीने के लिए रुके थे
  • नेतन्याहू की हत्या की झूठी खबरें फैलीं, एनडीटीवी की जांच में इलाके में कोई असामान्य गतिविधि नहीं मिली
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यरूशलम:

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत को लेकर अफवाहों के बाद यरूशलम में स्थित एक कैफे से उनका वीडियो सामने आया था. सोशल मीडिया पर नेतन्याहू का ये वीडियो वायरल होते ही वो कैफे अब सुर्खियों में आ गया है. कुछ लोग वीडियो को डीपफेक भी बता रहे हैं. यह जानने के लिए कि सच्चाई क्या है, एनडीटीवी ने यरूशलम के उस सताफ कैफे का दौरा किया, वही जगह जहां नेतन्याहू दो दिन पहले कॉफी पीने आए थे.

इजरायली प्रधानमंत्री को लेकर कई अटकलें, गलत सूचनाएं और फर्जी खबरें फैल रही हैं, यहां तक ​​कि उनकी हत्या की अफवाहें भी उड़ रही हैं. जिससे उनकी सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं.

एनडीटीवी ने वहां का दौरा किया तो पाया कि कैफे वाली जगह सुरक्षित और इलाका शांत है. सताफ कैफे यरूशलम के पहाड़ी इलाके में स्थित है, जो जंगली पगडंडी और खुले मैदान से घिरा हुआ है. स्थानीय लोग आते-जाते रहते हैं और सामान्य गतिविधियां जारी हैं. किसी भी तरह की गड़बड़ी का कोई संकेत नहीं है और कैफे का साइनबोर्ड साफ दिखाई दे रहा है - 'गेट इन ओपन'.

कैफे और स्थानीय लोगों ने नेतन्याहू के दौरे की पुष्टि की

हालांकि आसपास के निवासियों और कैफे के कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री के दौरे के बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया, लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि नेतन्याहू इस इलाके में आए थे और यहां कॉफी पीने के लिए रुके थे.

लोगों के ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो से मेल खाती हैं - एक में नेतन्याहू कॉफी का कप लिए बैठे दिख रहे हैं, और दूसरे में उन्हें उसी इलाके में इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) के कर्मियों से बात करते हुए दिखाया गया है.

ये तस्वीरें बढ़ते दुष्प्रचार के बीच सामने आईं थी, जिनमें से अधिकांश पाकिस्तान, ईरान और भारत के कुछ हिस्सों के सोशल मीडिया यूजर्स के अकाउंट से फैले थे. इसमें झूठा दावा किया गया था कि इजरायली प्रधानमंत्री की हत्या कर दी गई है, लेकिन जमीनी हकीकत बताती है कि ये दावे गलत हैं.

नेतन्याहू इजरायल के सैन्य ऑपरेशन का कॉर्डिनेशन जारी रखे हुए हैं, जंग अपने तीसरे सप्ताह में है. इस अभियान में लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ सक्रिय मोर्चे और ईरान के साथ लड़ाई शामिल है. एनडीटीवी ने देखा कि यरुशलम की जमीनी हकीकत डिजिटल शोर-शराबे से बिल्कुल अलग है. वहां न तो लॉकडाउन है और न ही सुरक्षा घेरा. लोग सामान्य रूप से जीवन जी रहे हैं.

ईरान के शीर्ष नेता की हत्या

नेतन्याहू को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा के बीच, इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा कि ईरान के शक्तिशाली राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और इस्लामी गणराज्य के बासिज अर्धसैनिक बल के कमांडर को "कल रात" मार गिराया गया है.

अगर तेहरान द्वारा लारीजानी की हत्या की पुष्टि हो जाती है, तो यह 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों की लहर में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ हस्तियों की हत्या के बाद सबसे चर्चित हत्या होगी.

काट्ज़ ने एक टेलीविज़न बयान में कहा कि उन्हें इज़रायल के सैन्य प्रमुख ने सूचित किया है कि लारीजानी और ईरान के बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख गुलामरेज़ा सुलेमानी को "कल रात मार दिया गया".

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