विज्ञापन

दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हमले जारी, पिता के जनाजे में शामिल बच्ची की मौत

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 2 मार्च से अब तक लेबनान पर हुए इजरायली हमलों में कम से कम 2,020 लोग मारे गए हैं और 6,436 अन्य घायल हुए हैं. हजारों लोगों की मौत के बीच दक्षिणी लेबनान से इजरायली हमले में एक बच्ची की मौत की दिल दहलाने वाली खबर भी सामने आई. 

दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हमले जारी, पिता के जनाजे में शामिल बच्ची की मौत
दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हमलों का दौर जारी है.
बेरूत:

ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले तो थम गए हैं,  लेकिन दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हमलों में 'मानवता की मौत' का सिलसिला जारी है. दक्षिणी लेबनान में रविवार को भी इजरायल के हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत की खबर सामने आई. मिली जानकारी के अनुसार रविवार को दक्षिणी लेबनान के काना शहर में इजरायल के हमले में कम से कम 5 लोग तो मारूब में छह लोग मारे हैं. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 2 मार्च से अब तक लेबनान पर हुए इजरायली हमलों में कम से कम 2,020 लोग मारे गए हैं और 6,436 अन्य घायल हुए हैं. हजारों लोगों की मौत के बीच दक्षिणी लेबनान से इजरायली हमले में एक बच्ची की मौत की दिल दहलाने वाली खबर भी सामने आई. 

पिता के जनाजे में शामिल बच्ची की मौत

रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को दक्षिणी लेबनान के पोर्ट शहर टायर में पिता के जनाजे में शामिल एक बच्ची की मौत हो गई. तलीन नामक यह बच्ची अभी दो साल की नहीं हुई थी. तलीन की बहन एलीन सईद ने बताया कि पिछले हफ्ते दक्षिणी लेबनान में अपने घर पर हुए इजरायली हमले में बाल-बाल बची थी. वह अपने पिता को दफनाने के लिए वहां मौजूद थी, लेकिन तभी हुए नए हमले में उसकी छोटी बहन और दूसरे रिश्तेदारों की जान चली गई.

ईरान-अमेरिका सीजफायर के दिन हुए हमले में परिवार के 4 लोग मरे थे

तलीन के परिजनों ने बताया कि उनके गांव सरीफा पर बुधवार को हमला हुआ था. उसी दिन अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष-विराम शुरू हुआ था. लेबनान में बहुत से लोगों को उम्मीद थी कि यह संघर्ष-विराम उनके देश पर भी लागू होगा. लेकिन इसके उ, इजरायली हमलों में पूरे लेबनान में 350 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. बुधवार को हुए हमले में सईद परिवार के चार और सदस्यों की भी मौत हुई. 

सईद परिवार के बुर्जुग ने बताया- लगा अचानक कोई तूफान हम पर गिरा हो

सईद परिवार के बुर्जुग नासिर सईद ने कहा, "उन्होंने कहा कि यह सीजफायर है. इन सभी लोगों की तरह हम भी गांव गए. हम प्रार्थना पढ़ने के लिए ताबूत के पास गए और घर की ओर चल पड़े, अचानक हमें लगा जैसे कोई तूफान हम पर आ गिरा हो." 

यह भी पढ़ें - इजरायल-लेबनान पर बॉर्डर पर जब NDTV के सामने ही चलने लगे रॉकेट, कैसा है लेबनान का हाल

Latest and Breaking News on NDTV

दो साल से कम उम्र की तलीन की भी मौत

रविवार को दक्षिणी पोर्ट शहर टायर में दूसरे रिश्तेदारों के साथ हरे कपड़े में लिपटी लाशें उठाने गए. उनमें से एक जो बाकी लाशों से छोटी थी, वो उनकी पोती तलीन की थी, जो अभी दो साल की भी नहीं हुई थी. उसके सिर और दाहिने हाथ पर पट्टियां और चेहरे पर खरोंच के निशान थे. पास में बैठे उनके दादा सईद चुपचाप रो रहे थे, जबकि उसके आस-पास की औरतों की चित्कार से माहौल गमगीन था. 

महिलाएं बोलीं- क्या हम इंसान नहीं...

वहां मौजूद कुछ महिलाओं ने मानवाधिकार और युद्ध अपराध का जिक्र करते हुए कहा, "मानवाधिकार कहां हैं? अगर इजरायल में कोई एक बच्चा घायल होता है, तो पूरी दुनिया हंगामा मच जाता है. क्या हम लोग नहीं हैं? क्या हम इंसान नहीं हैं? हम भी उन्हीं की तरह हैं." 

यह भी पढ़ें - इजरायल का लेबनान में फिर ताबड़तोड़ हमला, 3 की मौत, इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच अटैक

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com