- इस साल अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होकर अगस्त तक कुल 57 दिनों तक चलेगी
- यात्रा के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से देशभर की 554 बैंक शाखाओं और ऑनलाइन माध्यम से होगा
- श्रद्धालुओं की न्यूनतम आयु 13 वर्ष और अधिकतम आयु 70 वर्ष निर्धारित की गई है
इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है, जो कि 28 अगस्त को संपन्न होगी. अबकी बार अमरनाथ यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी. जम्मू‑कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसकी आधिकारिक घोषणा की. उन्होंने बताया कि पहली पूजा ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर होगी, जिसके साथ ही यात्रा की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू हो जाएंगी. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए पहली पूजा 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन की जाएगी. यात्रा के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू होगा, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कराया जा सकेगा.
15 अप्रैल से पंजीकरण, देशभर की बैंकों में सुविधा
अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण देशभर की कई बैंक शाखाओं में किया जाएगा. इसमें जम्मू‑कश्मीर बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक और यस बैंक शामिल हैं. कुल 554 बैंक शाखाओं में पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की न्यूनतम आयु 13 वर्ष और अधिकतम आयु 70 वर्ष निर्धारित की गई है. हर यात्री को पहचान के लिए RFID कार्ड दिया जाएगा. साथ ही यात्रियों को दुर्घटना बीमा की सुविधा भी मिलेगी, जिसकी राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है. इतना ही नहीं, टट्टुओं के लिए भी बीमा सुविधा दी जाएगी. किसी हादसे या प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.
यात्रा मार्ग पर बिजली, रोशनी और ई‑सेवाएं
यात्रा मार्ग पर बिजली की बेहतर व्यवस्था की जाएगी और रास्तों पर पर्याप्त रोशनी रहेगी. यात्रियों की सुविधा के लिए ई‑सेवाएं भी शुरू की जाएंगी. यात्रा के दौरान टट्टू, पिट्ठू और पालकी किराए पर उपलब्ध रहेंगे, जिनके लिए प्री‑पेड सिस्टम लागू किया जाएगा.
बालटाल और पहलगाम मार्ग से होगी यात्रा
इस साल भी अमरनाथ यात्रा दो मार्गों से संचालित होगी. एक पारंपरिक मार्ग अनंतनाग जिले का 48 किलोमीटर लंबा नुनवान‑पहलगाम मार्ग होगा, जबकि दूसरा गांदरबल जिले का अपेक्षाकृत छोटा लेकिन ज्यादा खड़ी चढ़ाई वाला 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग रहेगा. इन दोनों मार्गों से यात्रा एक साथ शुरू होगी. रक्षाबंधन के दिन यात्रा समाप्त होगी.
ठहरने और पंजीकरण की सुविधाएं बढ़ेंगी
- यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ठहरने की व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा.
- बालटाल, पंथा चौक, नुनवान और चंद्रकोट में रुकने की सुविधा उपलब्ध होगी
- जम्मू, श्रीनगर और अन्य स्थानों पर यात्रियों के लिए नए सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे
- नौगाम और कटरा रेलवे स्टेशन पर मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा
- जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों पर भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी
सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर
प्रशासन अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहा है और हर स्थान पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर है. यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का खास ध्यान रखा जाएगा. भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे, आपदा से निपटने की तैयारियां भी की जा रही हैं. यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा, मेडिकल सुविधा और मौसम की जानकारी देने की बेहतर व्यवस्था होगी. सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय या आतंकी घटना को रोका जा सके.
यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा और यह 15 अप्रैल से शुरू किया जाएगा. इसके लिए देशभर में करीब 556 नामित बैंक शाखाओं और श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी. यस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और एक्सिस बैंक की शाखाओं में भी पंजीकरण कराया जा सकेगा. उपराज्यपाल ने बताया कि पहली पूजा 19 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर की जाएगी.
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