- इजरायली सेना ने अयातुल्ला अली खामेनेई के भूमिगत बंकर पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले का वीडियो जारी किया है
- इस हमले में इजरायली वायु सेना के पचास लड़ाकू विमानों ने तेहरान में बंकर को नष्ट कर दिया
- इससे पहले कई रिपोर्ट में ब्लू स्पैरो मिसाइल को खामेनेई की हत्या में अहम भूमिका निभाने वाला हथियार बताया गया
इजरायली सेना ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए बने भूमिगत बंकर पर हमले का वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि एक साथ कई बम बंकर के आसपास गिराए जा रहे हैं. बम गिरने के बाद चारों तरफ धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है. इजरायल रक्षा बलों ने ट्वीट किया, "इजरायली वायु सेना के 50 लड़ाकू विमानों ने तेहरान में अली खामेनेई के भूमिगत सैन्य बंकर को ध्वस्त कर दिया."
देखें वीडियो
#WATCH | Israel Defense Forces releases a video of the strike on the underground bunker of Iran's Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei
— ANI (@ANI) March 6, 2026
"50 Israeli Air Force fighter jets dismantled Ali Khamenei's underground military bunker beneath the Iranian regime's leadership compound in… pic.twitter.com/kGdCOsx3Z7
शुक्रवार तड़के इजरायली लड़ाकू विमानों ने तेहरान के मध्य में एक बड़ा हमला किया. इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के लिए बने एक भूमिगत बंकर को निशाना बनाया गया. इजरायली वायु सेना ने बताया कि इस अभियान में लगभग 50 विमानों ने भाग लिया. ये कार्रवाई मोसाद के इनपुट पर किया गया.
खामेनेई कभी नहीं रहे यहां
इजरायली सेना ने बंकर को एक सुरक्षित आपातकालीन स्थल बताया. इस बंकर का उद्देश्य खामेनेई को संघर्ष के दौरान सेफ रखना था. हालांकि, खामेनेई ने इसका कभी उपयोग नहीं किया, क्योंकि ऑपरेशन "रोरिंग लायन" के दौरान पहले ही हुए हमलों में उनकी मौत हो चुकी है. उनकी मौत के बाद, इस बंकर का उपयोग ईरानी शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी कर रहे थे.
इजरायली वायु सेना के अनुसार, ईरानी शासन ने अपनी सैन्य योजनाओं को आगे बढ़ाने और इजरायल और पश्चिमी दुनिया के खिलाफ अपनी चरमपंथी और क्रूर विचारधारा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस भूमिगत स्थल को विकसित करने में कई वर्ष बिताए थे.
इजरायली सेना ने बंकर को एक सुरक्षित आपातकालीन स्थल बताया. इस बंकर का उद्देश्य खामेनेई को संघर्ष के दौरान सेफ रखना था. हालांकि, खामेनेई ने इसका कभी उपयोग नहीं किया, क्योंकि ऑपरेशन "रोरिंग लायन" के दौरान पहले ही हुए हमलों में उनकी मौत हो चुकी है. उनकी मौत के बाद, इस बंकर का उपयोग ईरानी शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी कर रहे थे.
इजरायली वायु सेना के अनुसार, ईरानी शासन ने अपनी सैन्य योजनाओं को आगे बढ़ाने और इजरायल और पश्चिमी दुनिया के खिलाफ अपनी चरमपंथी और क्रूर विचारधारा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस भूमिगत स्थल को विकसित करने में कई वर्ष बिताए थे.
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