इजरायल और फिलिस्तीनी संगठन हमास (Israel-Palestine War) के बीच 7 महीने से जंग चल रही है. 7 अक्टूबर 2023 को हमास (Hamas) ने गाजा पट्टी (Gaza Strip) से इजरायल की तरफ 5 हजार से ज्यादा रॉकेट दागे. हमास के लड़ाकों ने इजरायल के शहरों में घुसपैठ कर लोगों का कत्लेआम किया. 240 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाकर ले गई. उसके बाद से इजरायल गाजा पट्टी पर जवाबी कार्रवाई कर रहा है. रविवार को राफा के रिफ्यूजी कैंप (टेंट कैंप) पर हुए हवाई हमले में कम से कम 45 लोगों की मौत हो गई. 200 से ज्यादा लोग जख्मी हैं. मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है.
राफा मिस्त्र और गाजा पट्टी के बीच क्रॉसिंग पॉइंट है. दक्षिणी गाजा में इजरायल की ओर से हमले तेज होने के बाद फिलिस्तीनी लोगों ने राफा में शरण ली है... हजारों फिलिस्तीनी शरणार्थी टेंट कैंप और संयुक्त राष्ट्र के रिलीफ कैंप में रह रहे हैं. इजरायली सेना ने रविवार को कुछ मिनटों में टेंट कैंपों को निशाना बनाते हुए 8 रॉकेट दागे. रविवार की रात ये जगह जंग की सबसे भयानक साइट थी.
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आंखों के सामने जल गया भाई और उसका परिवार
45 वर्षीय मोहम्मद अबू शाहमा के भाई का टेंट नरसंहार से करीब एक चौथाई मील दूर था. शाहमा ने 'रॉयटर्स' से कहा, "विस्फोट में मेरा भाई चला गया. उसके 10 बच्चे थे. सबके सब जल गए. 3 साल की भतीजी की मौत हो गई. वहां हर तरफ खून था. मेरे भाई के सीने और गर्दन में छर्रे लगे थे. बच्चे के सिर में चोट लगी थी. मेरे सामने ये लोग जल रहे थे, मेरी बेबसी ऐसी थी कि मैं कुछ कर नहीं सकता था. आग बुझाने के लिए पानी नहीं था."
डर से ठंडा पड़ गया था शरीर
'वॉशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य गाजा से विस्थापित हुए मोहम्मद अल-हैला (35) हमले से ठीक पहले दुकानदार से सामान खरीदने जा रहे थे. उन्होंने बताया, "अचानक एक बड़ा धमाका हुआ और उसके बाद धुएं का गुबार उठने लगा. आग की लपटें उठने लगी. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरा शरीर डर के कारण ठंडा हो रहा है. मैं अपने परिवार के लोगों और रिश्तेदारों की तलाश के लिए इलाके की ओर भागा."
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एक झटके में खो दिए 7 रिश्तेदार
उन्होंने कहा, "मैंने देखा कि आग की लपटें उठ रही थीं. जले हुए शवों के चीथड़े पड़े थे. हर जगह से लोग भाग रहे थे. मदद के लिए चीख-पुकार मची थी. हम उन्हें बचाने में असमर्थ थे." इन हमलों में हैला ने अपने 7 रिश्तेदारों को खो दिया. सबसे 70 साल के बुजुर्ग और 4 बच्चे शामिल हैं. मोहम्मद अल-हैला बताते हैं, "शव बुरी तरह से जल चुके थे. हम सुबह तक उनकी पहचान नहीं कर पाए. लाशों के चेहरे खराब हो गए थे."
धमाके से सहम गए टेंट में सो रहे बच्चे
उत्तरी गाजा से राफा विस्थापित हुए 30 साल के अहमद अल-राहल की भी ही कहानी है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, "हम सोने की तैयारी कर रहे थे. तभी विस्फोटों की आवाज सुनी. धमाके इतने तेज थे कि हमारा टेंट हिल गया. हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है. टेंट में सो रहे बच्चे डर से उठ गए और सहमकर हमारे पास आ गए." राहल मदद के लिए दौड़ पड़े थे.

डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने 180 लोगों का किया इलाज
रविवार रात करीब 10 बजे राफा क्षेत्र के क्लीनिकों में घायलों को इलाज के लिए पहुंचाया जाने लगा. गाजा में हमास ग्रुप के इमरजेंसी को-ऑर्डिनेटर सैमुअल जोहान के मुताबिक, हमले से महज 2 किलोमीटर दूर डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की ओर से ऑपरेट किए जा रहे अस्थायी इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर में 28 लोग लाए गए, उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी. उन्होंने कहा कि क्लिनिक ने कम से कम 180 लोगों का इलाज किया. इनमें ज्यादातर गंभीर रूप से झुलसे थे. कइयों के शरीर पर छर्रे लगने के घाव थे. कुछ लोगों के शरीर के अंग गायब थे.
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आग बुझाने के लिए नहीं था पानी
अहमद अल-मोखलालती ने कहा, "आग बुझाने के लिए पानी नहीं था. आग से कपड़े और प्लास्टिक के टेंट जल गए. आग से खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किए गए गैस कनस्तरों में विस्फोट हो गया. मैंने अपनी आंखों से टेंट में कइयों को आग की लपटों में घिरकर तड़पते हुए मदद के लिए चिल्लाते देखा, मगर मैं बेबस था... उसकी जान नहीं बचा सका."

पूरा ब्लॉक हो गया तहस-नहस
पीड़ितों के एक बुजुर्ग रिश्तेदार ने बताया, "दोपहर का समय था, लोग अपने टेंट में सुरक्षित और स्वस्थ बैठे थे. हमने एक बड़े विस्फोट की आवाज सुनी, जिसने क्षेत्र को हिलाकर रख दिया. आवाज इतनी तेज थी कि पूरा ब्लॉक तहस-नहस हो गया. लोग जान बचाने के लिए भागे. चारों तरफ लाशें ही दिख रही थीं."
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हमलों पर इजरायली सेना ने क्या कहा?
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा, "राफा में हमास कंपाउंड पर हमला किया गया. वहां काफी समय से हमास के आतंकी का कर रहे थे. हमला इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर किया गया. हमले के बाद लगी आग के कारण कई नागरिकों को नुकसान पहुंचा है, जिसकी जांच की जा रही है."
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हमास ने अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार
दूसरी ओर, हमास के एक सीनियर ऑफिसर सामी अबू जुहरी ने इस हमले को नरसंहार बताया है. जुहरी ने कहा है कि इस 'नरसंहार' के लिए अमेरिकी जिम्मेदार है, क्योंकि वो इजरायल को पैसा और हथियार मुहैया करा रहा है.
बता दें कि दक्षिण अफ्रीका ने जंग रोकने के लिए इजरायल के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ)में याचिका दायर की थी. ICJ ने शुक्रवार (24 मई) को इजरायल को आदेश दिया कि वह राफा में हमले को तुंरत रोके. इजरायल ने आरोपों को खारिज करते हुए कोर्ट का ऑर्डर न मानने की बात कही है. इजराइली वॉर कैबिनेट के मंत्री बेनी गैंट्ज ने कहा कि वे राफा में जंग जारी रहेगा.
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