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ईरान और US सीजफायर तो हो गया, इजरायल-लेबनान में अब भी जारी मिसाइल हमले; NDTV की ग्राउंड रिपोर्ट

राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों के बीच युद्ध का असर आम लोगों पर गहरा है, और जंग के अंत का कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिखता. एनडीटीवी की ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए तबाही का मंजर.

ईरान और US सीजफायर तो हो गया, इजरायल-लेबनान में अब भी जारी मिसाइल हमले; NDTV की ग्राउंड रिपोर्ट

Israel Lebanon Attack: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर से भले ही दुनिया कुछ वक्त के लिए ही सही लेकिन राहत की सांस ले रही हो, लेकिन युद्ध के मैदान की कड़वी हकीकत कुछ और ही है. इजरायल और लेबनान की सीमा पर रहने वाले आम लोगों के लिए इस सीजफायर का कोई मतलब नहीं है. यहां न तो आसमान से बरसती मिसाइलें थमी हैं और न ही रिहाइशी इलाकों का उजड़ना बंद हुआ है. 

NDTV ने इस इलाके में जाकर देखा है कि यहां आम नागरिक इस अंतहीन जंग की सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं. सीजफायर में हमले रोकने की बात हुई थी, लेकिन इजरायल-लेबनान बॉर्डर पर इसका रत्ती भर भी असर नहीं दिख रहा. हिज्बुल्लाह की ओर से उत्तरी इजरायल के गांवों और बस्तियों पर रॉकेटों की बारिश लगातार जारी है, तो जवाब में इजरायली सेना भी दक्षिणी लेबनान को बुरी तरह से निशाना बना रही है.

इस इलाके में इजरायल और लेबनान दोनों ओर से हमले जारी हैं.

इस इलाके में इजरायल और लेबनान दोनों ओर से हमले जारी हैं.
Photo Credit: NDTV

बिखरी किताबें, टूटे बर्तन और वीरान घर

NDTV की टीम ने उत्तरी इजरायल के सरहद के करीब एक ऐसे ही घर का मुआयना किया. ये घर हाल ही में हिज्बुल्लाह के रॉकेट का शिकार हुआ है. कभी यह घर एक हंसता-खेलता आशियाना हुआ करता था, लेकिन आज यह मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है. घर के भीतर का मंजर दिल दहला देने वाला है. किचन तो है, लेकिन खाना बनाने वाला कोई नहीं बचा. घर में बच्चों की किताबें खुली बिखरी पड़ी हैं, लेकिन उसे पढ़ने वाला कोई नहीं है.

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इस तबाह हुए घर के बिखरे हुए कांच के टुकड़े और धुआं खाए हुए दीवारें चीख-चीख कर जंग की विभीषिका बयां कर रहे हैं. यहां रहने वाले लोग अब पलायन कर चुके हैं या खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं. यह केवल एक घर की कहानी नहीं है, बल्कि सीमा के दोनों ओर के सैकड़ों गांवों का यही हाल है.

हैरानी की बात यह है कि यह जंग अब केवल सैन्य ठिकानों या 'मिलिट्री इंस्टॉलेशन' तक सीमित नहीं रह गई है. रिहायशी इलाकों, स्कूलों और आम नागरिकों के घरों को जिस तरह से निशाना बनाया जा रहा है. सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करना अब इस युद्ध की नई और डरावनी रीत बन गई है.

बच्चों की खुली किताबें हैं लेकिन घर में बच्चे नहीं हैं, पूरा घर वीरान पड़ा है.

बच्चों की खुली किताबें हैं लेकिन घर में बच्चे नहीं हैं, पूरा घर वीरान पड़ा है.
Photo Credit: NDTV

क्या वाकई थमेगी यह जंग?

हिज्बुल्लाह की ओर से होने वाले रॉकेट हमले और इजरायल की भारी बमबारी के बीच आम आदमी पिस रहा है. राजनीति और कूटनीति की दुनिया में भले ही इसे 'सीजफायर'कहा जाए, लेकिन हकीकत में ये हमले अब भी जिंदगियां तबाह कर रहे हैं.

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