वैश्विक ऊर्जा सप्लाई की लाइफलाइन माने जाने वाले हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौते के बाद इस रणनीतिक जलमार्ग को व्यापार के लिए दोबारा तो खोल दिया गया है, लेकिन अब ईरान ने यहां से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए सख्त नियम और शर्तें लागू कर दी हैं. ईरान के इस कदम के बाद अब किसी भी देश का जहाज बिना एडवांस रजिस्ट्रेशन, सरकारी परमिट और पुख्ता इंश्योरेंस के इस रास्ते को पार नहीं कर सकेगा.
दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक हॉर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का लगभग पांचवां हिस्सा (20 फीसदी) गुजरता है. ऐसे में ईरान का यह नया फरमान अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. ईरान ने साफ किया है कि इन नए नियमों का मकसद तीन महीने से अधिक समय तक चले संघर्ष के बाद इस रूट पर कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को चाक-चौबंद करना है.
नए नियम लागू करने के लिए 'पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' का गठन
इस पूरे सिस्टम को संभालने और नए नियमों को जमीन पर उतारने के लिए ईरान ने एक नई संस्था का गठन किया है, जिसे 'पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' (PGSA) नाम दिया गया है. दिलचस्प बात यह है कि इस अथॉरिटी का निर्माण वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुए उसी समझौते के तहत किया गया है, जिसके बाद तीन महीने से बंद पड़े इस रास्ते को दोबारा चालू करने पर सहमति बनी थी.

अथॉरिटी ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' पर हस्ताक्षर होने और संबंधित विभागों से निर्देश मिलने के बाद इन नियमों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जा रहा है. अब हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इच्छा रखने वाले सभी आवेदकों और जहाजों को तय समय सीमा के भीतर नियमों का पालन करना होगा. इसके लिए बकायदा एक आधिकारिक वेबसाइट भी जारी की गई है, जहां जहाजों को अपनी एंट्री दर्ज करानी होगी.
एंट्री से 48 घंटे पहले देनी होगी सूचना
संशोधित नियमों और प्रक्रियाओं के मुताबिक, अब किसी भी जहाज के मालिक या ऑपरेटर के लिए मनमर्जी से इस रास्ते में दाखिल होना मुमकिन नहीं होगा. जहाजों को हॉर्मुज स्ट्रेट की सीमा में पहुंचने से कम से कम 48 घंटे पहले ट्रांजिट रिक्वेस्ट यानी गुजरने की अर्जी सबमिट करनी होगी.

तय कॉरिडोर से ही गुजरेंगे जहाज
सुरक्षा का हवाला देते हुए ईरान ने जहाजों के रूट को लेकर भी पाबंदी लगा दी है. पिछले तीन महीनों के टकराव और सैन्य तनाव के कारण इस समुद्री इलाके में बारूदी सुरंगों या अन्य घातक खतरों की आशंका बनी हुई है. इसी को ध्यान में रखते हुए ईरान ने विशेष शिपिंग कॉरिडोर निर्धारित किए हैं. सभी जहाजों को अनिवार्य रूप से सिर्फ इन्हीं सुरक्षित रास्तों से होकर गुजरना होगा ताकि वे किसी भी संभावित हादसे का शिकार न हों.
अथॉरिटी ने अंतिम चेतावनी के तौर पर कहा है कि अगर कोई भी जहाज इन नियमों, शर्तों या तय रूट का उल्लंघन करता है, तो उसके बाद पैदा होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति या नुकसान की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ जहाज के मालिकों और ऑपरेटरों की होगी.
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