- ईरान की इस्लामिक रिव्यॉल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स के दो बड़े कमांडरों के अंतिम संस्कार में भारी जनसैलाब उमड़ा था
- आमिर अली हाजीजदेह इजरायली हमले में शहीद हुए और ईरान की मिसाइल क्षमता विकास में अहम भूमिका निभाई
- ईरान के शहरों में IRGC कमांडरों की तस्वीरें और म्यूरल्स लगाए जाते हैं जो उनकी रणनीति का हिस्सा माने जाते हैं
ईरान के हर घर और आम लोगों के जीवन में IRGC यानी इस्लामिक रिव्यॉल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स का काफी कनेक्ट है. IRGC के दो बड़े कमांडर की अंतिम विदाई में लोग भारी तादाद में इकट्ठा हुए. शहीदों में पहला नाम था आमिर अली हाजीजदेह, जो 13 जून 2025 में इजरायली हमले में शहीद हुए. IRGC एयरोस्पेस फोर्स को 16 साल से कमांड कर रहे थे. ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता के विकास में बड़ा योगदान रहा. 2020 में IRGC कमांडर कासिम सुलेमानी एक अमेरिकी हमले में शहीद हुए. इन्होंने ही अमेरिकी अड्डों पर मिसाइल से हमले किए थे. यूक्रेन के एक यात्री विमान को मार गिराया था. जिसमें 176 लोगों की मौत हुई थी.जुर्म कुबूल करने के बावजूद इन्हें कोई सजा नहीं दी गयी थी. इसी तरह मेजर जनरल महमूद बघेरी के जनाजे में जन सैलाब उमड़ा. ईरान की मिसाइल डिफेंस स्ट्रेटजी के निर्माण में इनकी बड़ी भूमिका रही.
ईरान के चौराहों पर लगती हैं IRGC के कंमाडर्स की तस्वीरें
ईरान के चौराहों में IRGC कमांडर्स की तस्वीरें दीवारों पर लगाई जाती हैं. चौराहों पर म्यूरल्स लगाए जाते हैं.इजरायल और अमेरिकियों के साथ लड़ते हुए जो शहीद होते हैं उनको ईरान के समाज में हर वक्त याद रखने की समाजिक आदत है. तेहरान की दीवारों पर ऐसे चित्र देखने को मिलते हैं जो कि हिब्रू भाषा में लिखे जाते हैं. इजरायल का नक्शा होता है.उसमें वो जगहें मार्क की जाती हैं जहां पर ईरान हमला कर सकता है? ये IRGC की रणनीति का हिस्सा कहा जाता है. ताकि ईरानियों और इजरायलियों दोनो को अपनी मौजूदगी का अहसास करा सके.
2025 में ही ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और ऐम केलावी में ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों, IRGC कमांडर्स को निशाना बनाया तो उसमें शहीद हुए लोगों के जनाजे निकाले गए. भारी भीड़ जमा हुई. उसमें ऐसी तस्वीरें दिखी जिसमें लोग अपने छोटे छोटे बच्चों को जनाजे से छुला रहे थे. जैसे इससे शबाब मिलता हो.
इस्लामी नववर्ष में जब माएं अपने नवजात बच्चों के साथ मस्जिदों में आती हैं तो वो IRGC के बड़े कमांडर्स की तस्वीरें भी ले आती हैं. IRGC के प्रसिद्ध कमांडर कासिम सुलेमानी को मांए अपने बच्चों का रोल मॉडल समझती हैं. तेहरान हवाई अड्डे में ऐसे IRGC कमांडर के आदमकद कटआउट लगाए गए हैं जो इजरायली हमले में शहीद माने जाते हैं.
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IRGC ईरानी समाज में कैसे करती है काम?
IRGC ईरानी समाज में ऐसे काम भी करती है, जिससे उनके अपने लोगों और दुनिया में एक ऐसा नरेटिव क्रिएट हो कि IRGC पर कितना जुल्म हो रहा है. IRGC ने तेहरान में एक बड़ा आयोजन किया. उन परिवारों को बुलाया जिन्होंने इजरायल और अमेरिका के हमले में अपने परिजनों को खोया है. इनकी तरफ से अमेरिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के दस्तावेजों का प्रदर्शन किया. ईरान की संसद ने यूरोपियन यूनियन की सेना को आतंकी घोषित कर दिया, क्योंकि यूरोपियन यूनियन ने IRGC को आतंकी संगठन की लिस्ट मे डाल दिया था.
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