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इन्फ्रारेड सिस्टम, कम दूरी से मार... माजिद मिसाइल ईरान का 'ब्रह्मास्त्र', कैसे धराशायी किए अमेरिका के F15 जैसे बाहुबली फाइटर जेट

माजिद सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत है इसकी तकनीक. ये रडार पर निर्भर नहीं करता है. इसके बजाय ये इन्फ्रारेड यानी हीट सिस्टम का इस्तेमाल करता है. ये विमान या ड्रोन के इंजन की गर्मी को पकड़ता है.

इन्फ्रारेड सिस्टम, कम दूरी से मार... माजिद मिसाइल ईरान का 'ब्रह्मास्त्र', कैसे धराशायी किए अमेरिका के F15 जैसे बाहुबली फाइटर जेट
  • माजिद मिसाइल सिस्टम ईरान का आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम है, जो सतह से हवा में मार करता है.
  • यह रडार पर निर्भर नहीं है, बल्कि इंफ्रारेड तकनीक से विमान या ड्रोन के इंजन की गर्मी को पकड़ निशाना लगाता है.
  • यह सिस्टम कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन और फाइटर जेट के खिलाफ प्रभावी है, जिसकी मारक क्षमता 6 किमी तक है.
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग में माजिद मिसाइल की बहुत चर्चा हो रही है. ये वो मिसाइल सिस्‍टम है, जिसके जरिए ईरान ने अमेरिका की चौथी पीढ़ी के F‑15E और हमलावर विमान ए-10 थंडरबोल्ट II को ढेर करने का दावा किया है. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर ईरान युद्ध में माजिद मिसाइल सिस्‍टम के आगे कैसे अमेरिकी विमान भी पानी भरते नजर आते हैं. माजिद मिसाइल ईरान का एक आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम है. इसे दुश्मन के विमान और ड्रोन को गिराने के लिए बनाया गया है. यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है यानी इसे जमीन से दागा जाता है और यह हवा में उड़ रहे टारगेट को मार गिराती है. 

माजिद सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत है इसकी तकनीक. ये रडार पर निर्भर नहीं करता है. इसके बजाय ये इन्फ्रारेड यानी हीट सिस्टम का इस्तेमाल करता है. ये विमान या ड्रोन के इंजन की गर्मी को पकड़ता है. जैसे ही इसे हीट मिलती है, ये टारगेट को लॉक कर लेती है. फिर मिसाइल उसी गर्मी का पीछा करती है और सीधे जाकर लक्ष्य को नष्ट कर देती है. इस वजह से दुश्मन को पहले से पता नहीं चलता क्योंकि इसमें रडार सिग्नल नहीं होता है. 

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कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को खतरा ज्‍यादा 

माजिद सिस्टम को खास तौर पर नजदीकी सुरक्षा के लिए बनाया गया है. इसे शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस कहा जाता है. ये करीब 700 मीटर से 6 किलोमीटर तक मार कर सकता है. कुछ मीडिया  रिपोर्ट्स में इसकी रेंज 8 किलोमीटर तक बताई जाती है. ये कम ऊंचाई पर उड़ने वाले टारगेट के लिए ज्यादा खतरनाक है, जैसे ड्रोन, हेलीकॉप्टर और फाइटर जेट. 

मोबाइल सिस्टम, जरूरत पड़ते ही कहीं भी तैनाती

ईरान ने  माजिद सिस्टम को 2021 में पहली बार दुनिया को दिखाया था. ये पूरी तरह से ईरान का स्वदेशी सिस्टम माना जाता है.  इसकी एक और बड़ी खासियत है इसकी मोबाइल क्षमता. इसे अरास-2 नाम के वाहन पर लगाया जाता है. इससे इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है यानी जरूरत के हिसाब से तुरंत तैनात किया जा सकता है. इस सिस्टम में आमतौर पर 4 मिसाइल लॉन्चर होते हैं, जो अलग-अलग टारगेट पर हमला कर सकते हैं. 

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टारगेट के पास पहुंचते ही फट जाती है मिसाइल 

माजिद में इस्तेमाल होने वाली AD-08 मिसाइल काफी एडवांस मानी जाती है. इसमें इमेजिंग इन्फ्रारेड सीकर लगा होता है. ये तकनीक टारगेट को और ज्यादा सटीक तरीके से पहचानती है. साथ ही इसमें प्रॉक्सिमिटी फ्यूज भी होता है. इसका मतलब है कि मिसाइल टारगेट के पास पहुंचते ही फट जाती है और उसे नुकसान पहुंचाती है. 

माजिद सिस्टम 360 डिग्री निगरानी कर सकता है यानी चारों तरफ से आने वाले खतरे पर नजर रखता है. ये ड्रोन, क्रूज मिसाइल और कम ऊंचाई वाले विमान को गिरा सकता है. 

स्टील्थ विमानों पर भी असरदार होने का दावा

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक ये स्टील्थ विमान के खिलाफ भी असरदार हो सकता है. ऐसे में साफ है कि माजिद मिसाइल सिस्टम ईरान की रक्षा ताकत को मजबूत बनाता है. ये छोटा है, मोबाइल है और सटीक निशाना लगाता है. इसी वजह से इसे आधुनिक युद्ध में काफी अहम माना जा रहा है. 

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