विज्ञापन

इस साल देश में बढ़ेगी महंगाई, RBI गवर्नर ने युद्ध और अल नीनो को बताया वजह

RBI ने वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई अनुमान को 50 बेसिस प्‍वाइंट बढ़ाकर 5.1 फीसदी कर दिया है. गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने इसके पीछे दुनिया के अलग-अलग हिस्‍सों में चल रहे युद्ध और अल-नीनो के प्रभाव को बड़ी वजहों में बताया.

इस साल देश में बढ़ेगी महंगाई, RBI गवर्नर ने युद्ध और अल नीनो को बताया वजह
RBI का अनुमान है कि इस साल देश में महंगाई बढ़ सकती है.
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

India Inflation Estimates: देश में महंगाई बढ़ने वाली है. केंद्रीय बैंक RBI ने मॉनेटिरी पॉलिसी मीटिंग में मौजूदा वित्त वर्ष के लिए महंगाई अनुमान को 50 बेसिस प्‍वाइंट बढ़ा दिया है. केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने बताया‍ कि FY 2027 में महंगाई दर 5.1% रह सकती है जो कि पहले 4.6% रहने का अनुमान था.  ये RBI के महंगाई लक्ष्‍य 2-4% से कहीं ज्‍यादा है. RBI गवर्नर ने महंगाई बढ़ने के पीछे दुनिया के अलग-अलग हिस्‍सों में चल रहे युद्ध और अल-नीनो के प्रभाव को बड़ी वजहों में गिनाया. उन्‍होंने कहा कि युद्ध के चलते ग्‍लोबल सप्‍लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और आगे भी हो सकता है. वहीं अल नीनो की वजह से देश का कृषि उत्‍पादन प्रभावित हो सकता है. 

गवर्नर बताया कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अब तक महंगाई को 4% के लक्ष्‍य से नीचे रखने में कामयाबी मिली थी. फरवरी 2026 में महंगाई दर 3.2 रही थी. मार्च में महंगाई दर 3.4 फीसदी और अप्रैल में 3.5 फीसदी रही थी. ये सभी आंकड़े महंगाई लक्ष्‍य की ऊपरी सीमा 4% से नीचे रहे थे. हालांकि अब महंगाई बढ़ने का अनुमान है. इसमें ग्‍लोबल सप्‍लाई चेन प्रभावित होने की वजह से तेल और गैस की बढ़ी कीमतें भी बड़ी वजह है. 

इस साल कितनी बढ़ सकती है महंगाई?

RBI के अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में महंगाई दर 5.1 फीसदी रह सकती है.

  • जून 2026 तिमाही: 4.2%
  • सितंबर 2026 तिमाही: 5.1%
  • दिसंबर 2026 तिमाही: 5.9%
  • मार्च 2027 तिमाही: 5.4%

तेल-गैस की ऊंची कीमतों ने बढ़ाई टेंशन 

RBI गवर्नर ने पॉलिसी स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा कि पिछले 2 महीनों के दौरान कच्चे तेल की कीमतें (भारतीय बास्केट) औसतन 110 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रही हैं. ऐसे संकेत हैं कि इस वर्ष कच्चे तेल की औसत कीमतें पिछली नीति के दौरान अनुमान से काफी ज्‍यादा होंगी. देश में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतों पर असर मई से पड़ना शुरू हो गया है.  इन सभी फैक्‍टर्स को ध्यान में रखते हुए, इस वर्ष के लिए RBI ने CPI महंगाई दर 5.1% रहने का अनुमान जताया है, जो पहले अनुमानित दर से 50 बेसिस पॉइंट ज्‍यादा है.

अल नीनो की वजह से कृषि पैदावार पर असर 

भारत मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि इस साल के आखिर में अल नीनो का एक जोरदार मौसम पैटर्न बन सकता है, जिसके पिछले तीन दशकों में सबसे मजबूत अल नीनो में से एक बनने की संभावना है. इसका असर खेती पर पड़ सकता है और पैदावार कम हो सकती है. संजय मल्होत्रा ने इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान औसत से कम बारिश होने के पूर्वानुमान पर कहा कि इसका कृषि उत्पादन और ग्रामीण भारत में डिमांड दोनों पर असर पड़ेगा. ग्‍लोबल इकोनॉमी चरमरा रही है. उन्‍होंने कहा कि आपूर्ति शृंखलाओं में लंबे समय तक व्यवधान और  ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतों का विकास दर और महंगाई दर दोनों पर असर पड़ने की आशंका है. 

ये भी पढ़ें: RBI ने GDP ग्रोथ का अनुमान घटाया, गवर्नर ने बताया- इस साल कैसी रहेगी इकोनॉमी की रफ्तार

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com