- मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तीन हफ्तों से जारी संघर्ष गंभीर रूप ले चुका है
- अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने 82nd एयरबोर्न कमांडो दस्ते को तैनात करने का आदेश दिया है
- ईरान ने 82वीं लहर ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत अमेरिका को जवाब देने वाली हमलों की शुरुआत की
मिडिल ईस्ट का आसमान इन दिनों मिसाइलों और ड्रोन से अटा पड़ा है. तीन हफ्तों से ज्यादा दिनों से चल रही ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है. रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने सबसे घातक कमांडो दस्ते '82nd एयरबोर्न' को उतारने की तैयारी की है. वहीं ईरान ने उसी नंबर (82) के साथ पलटवार किया है. ईरान ने मिसाइलों पर संदेश लिखा है कि अगर कोई ईरान में घुसेगा तो जिंदा वापस नहीं जाएगा. इन संदेशों ने साफ कर दिया है कि तेहरान अब आर-पार की जंग के मूड में है.
अमेरिका कर रहा '82nd एयरबोर्न' की तैनाती
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष में अपनी सबसे चुस्त और हमलावर टुकड़ी, 82nd एयरबोर्न डिवीजन के हजारों जवानों को तैनात करने के आदेश दिए हैं. इस कदम को ईरान के खिलाफ एक बड़े जमीनी अभियान की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है. ये कमांडो सेना के हवाई जहाजों से सीधा युद्ध के मैदान में उतरते हैं और तेजी से हमला करते हैं.
Iran's Islamic Revolution Guards Corps (IRGC) carries out the second part of the 82nd wave of Operation True Promise 4.
— Press TV 🔻 (@PressTV) March 26, 2026
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ईरान ने भी दिया '82' नंबर वाला पलटवार
अमेरिका के '82nd एयरबोर्न डिवीजन' वाले दावे का ईरान ने भी उसी अंदाज में पलटवार किया है. अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की खबरों के जवाब में, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के तहत हमलों की 82वीं लहर (82nd Wave) शुरू कर दी है. ईरान ने जानबूझकर '82वीं वेव' का नाम दिया है ताकि वह अमेरिकी '82nd एयरबोर्न डिवीजन' को सीधा संदेश दे सके.
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मिसाइलों पर 'मौत का पैगाम'
ईरान ने इस बार मनोवैज्ञानिक युद्ध का भी सहारा लिया है. सोशल मीडिया और ईरानी मीडिया में ऐसी तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें बैलिस्टिक मिसाइलों पर पोस्टर चिपके हुए हैं. इन पोस्टरों पर सख्त संदेश लिखे हैं, 'अगर ईरानी सरजमीं पर कदम रखा, तो अमेरिकी सैनिक ताबूत में ही वापस लौटेंगे.' ईरानी जनरलों ने बयान जारी किया है कि उनकी मिसाइलें अमेरिकी अड्डों को कब्रिस्तान में बदल देंगी.
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