- तेहरान के कई इलाकों में हालिया इजरायली हवाई हमलों के बाद बिजली गुल होने की खबर है
- बिजली के बुनियादी ढांचे पर हमलों से तेहरान और अल्बोर्ज़ में बिजली आपूर्ति बाधित हुई
- परचिन पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क पर हमले के कारण तेहरान के कई जिलों में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती हुई है
ईरान-इजरायल के बीच जंग काफी खतरनाक होती जा रही है. दोनों देश एक दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं. इस बीच खबर खबर है कि इजरायली हवाई हमलों के बाद तेहरान के कुछ हिस्सों में बिजली गुल हो गई है. इस पर अभी तक ईरानी सेना की ओर से कोई बयान नहीं आया है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में तेहरान के इलाकों की तस्वीरें और वीडियो सामने आई हैं, जिसमें वहां अंधेरा छाया हुआ है.
तेहरान के कई इलाकों में ब्लैकआउट
ईरानी मीडिया के अनुसार,हालिया इजरायली हवाई हमलों के बाद तेहरान के कुछ हिस्सों में बिजली गुल होने की रिपोर्ट दी है. ईरानी राजधानी में हुए इन ताजा हमलों पर IDF या अमेरिकी सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है.
South of Tehran is experiencing a serious blackout pic.twitter.com/KRfDOmi80g
— Open Source Intel (@Osint613) March 29, 2026
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि देश के बिजली के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के बाद, तेहरान और अल्बोर्ज़ के कुछ हिस्सों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है. ईरान के करज शहर में भी बिजली सप्लाई ठप होने की खबरें हैं. तेहरान के दक्षिणी हिस्से में बिजली कटौती हुई है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि परचिन पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क पर हुए एक हमले के बाद, तेहरान के कई जिलों में बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो गई है. इसमें जिला 4, 7, 11, 13 और 14 शामिल हैं.
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With the U.S. strikes on Tehran a short while ago, parts of the city have lost power. However, people have come out into the streets and are chanting “Allahu Akbar.” pic.twitter.com/09KUXlGGjJ
— IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) March 29, 2026
बता दें कि ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने आरोप लगाया है कि कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद अमेरिका 'चुपके से' जमीनी अभियान की साजिश रच रहा है.गलीबाफ ने कहा, 'वो सार्वजनिक तौर पर बातचीत और संवाद के संदेश भेजते हैं, जबकि गुप-चुप तरीके से जमीनी हमले की योजना भी बना रहे हैं.' संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने कहा कि उनकी सेना अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर आने का इंतजार कर रही है और उन्हें कड़ा जवाब देगी। ईरानी फोर्स पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में 2500 अमेरिकी मरीन की तैनाती से तनाव बढ़ा है.
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