- आयतुल्लाह मोजतबा हुसैनी ख़ामनेई अपने पिता अली खामेनेई की प्रार्थना सभा में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होंगे
- मोजतबा ने पहली बार आयतुल्लाह ख़ुमैनी के पोते सय्यद अली ख़ुमैनी को सभा का मुख्य वक्ता नियुक्त किया है
- अली खामेनेई को उनके निधन के 131 दिन बाद मशहद में दफनाया गया, जो आधुनिक इतिहास में अनूठा मामला है
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा अपने पिता अली खामेनेई के लिए आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा में शामिल नहीं होंगे. मोजतबा से जुड़ी ये खबर ऐसे समय में सामने आई है जब उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया जा चुका है. आयतुल्लाह मोजतबा हुसैनी ख़ामनेई ने आयतुल्लाह सय्यद अली ख़ामनेई की याद में एक मजलिस(शौक सभा) का आयोजन किया है, जो कल (शनिवार) मग़रिब और इशा की नमाज़ के बाद क़ुम में हज़रत सय्यदा फ़ातिमा मासूमा (स) के श्राइन में आयोजित की जाएगी. आयतुल्लाह मोजतबा हुसैनी ख़ामनेई व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होंगे. पिछले महीने की तरह, उन्होंने इन स्मारक सभाओं का आयोजन अनुपस्थित रहते हुए जारी रखा है. हालांकि, पहली बार उन्होंने आयतुल्लाह ख़ुमैनी (र) के पोते सय्यद अली ख़ुमैनी को इस सभा के मुख्य वक्ता के रूप में नियुक्त किया है.जो मजलिस पढ़ेंगे.
कोम शहर में होनी है प्रार्थना सभा
हालांकि, पहले ईरान मीडिया के अनुसार दावा किया जा रहा था कि मोजतबा खामेनेई कल (शनिवार को) पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आ सकते हैं. कहा जा रहा था कि मोजतबा हजरत मासूमेह दरगाह में अपने पिता अली खामेनेई की शोकसभा की अगुवाई करेंगे. लेकिन अब ये साफ हो गया है कि मोजतबा इस प्रार्थना सभा में शामिल नहीं होंगे.
जनाजे में भी नहीं आए थे मोजतबा
आपको बता दें कि खामेनेई के 3 बेटे पिता के अंतिम संस्कार में आए थे. खामेनेई को उनकी मौत के 131 बाद कल मशहद में दफनाया था. आधुनिक इतिहास में इतने लंबे वक्त बाद दफनाये वो पहले नेता हैं. ये भी पहली बार है जब किसी सुप्रीम लीडर का जनाजा 2 देशों में गया. ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि खामेनेई की अंतिम यात्रा में 4.3 करोड़ लोग पहुंचे थे.
ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में 4.1 से 4.3 करोड़ लोग शामिल हुए. प्रेस टीवी ने इसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा अंतिम यात्रा जुलूस बताया है. छह दिन तक चले कार्यक्रम तेहरान, कुम, नजफ, कर्बला और मशहद में आयोजित किए गए. सार्वजनिक अंतिम यात्रा की शुरुआत पिछले शनिवार को तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला परिसर से हुई थी, जहां हजारों लोग खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे.
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