- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. STF के जवान को गिरफ्तार किया है.
- आरोप है कि STF जवान अक्षय कुमार ने ही भरत तिवारी पर पहली गोली चलाई थी.
- भरत तिवारी के परिजनों का आरोप था कि सरेंडर करने बाद भी पुलिस ने गोली मारी थी.
बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ी जानकारी सामने आई है. बिहार पुलिस ने मामले में STF के जवान को गिरफ्तार किया है. इस बात की पुष्टि भोजपुर जिले के एसपी की तरफ से भी की गई है. बता दें कि भरत तिवारी के परिजनों का आरोप था कि हथियार डालने के बाद भी पुलिस ने गोली चलाई थी, जिससे भरत की मौत हुई थी. हाल ही में सीएम सम्राट चौधरी से भी उनके परिजनों ने मुलाकात की थी. जबकि चिराग पासवान, प्रशांत किशोर समेत कई नेताओं ने भरत तिवारी के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की थी. भरत तिवारी एनकाउंटर बिहार समेत पूरे देश में चर्चा में रहा है.
45 दिन पहले हुआ था भरत तिवारी का एनकाउंटर
भरत तिवारी का एनकाउंटर 45 दिन पहले हुआ था. जिसके बाद अब पहला एक्शन हुआ है. बताया जा रहा है कि भरत तिवारी को पहली गोली मारने वाले एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारी के बाद पीड़ित परिवार ने राहत और संतोष व्यक्त किया है. परिवार का कहना है कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है. भरत तिवारी की माता आशा देवी ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर शुरू से ही पूरा विश्वास था. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त एवं निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी.
हालांकि भरत तिवारी के परिजनों का कहना है कि आज गिरफ्तारी हुई है, जिससे हमें न्याय मिलने की उम्मीद और बढ़ी है. लेकिन जब तक मेरे बेटे के सभी दोषियों को फांसी की सजा नहीं मिलती. तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी. आशा देवी ने कहा कि बेटे की हत्या के बाद से उनका परिवार लगातार सरकार और न्यायालय से सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और फांसी की सजा की मांग करता रहा है. उनके अनुसार करीब डेढ़ महीने बाद हुई यह कार्रवाई परिवार के लिए राहत देने वाली है.
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सीएम सम्राट से मिले थे परिजन
हाल ही में भरत तिवारी की मां आशा देवी पिता काशीनाथ तिवारी समेत अन्य सदस्यों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी. परिजनों ने सीएम से न्याय की मांग रखी थी. जिसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार को दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था. भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में हुई यह गिरफ्तारी जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. उनके परिजनों का कहना है कि मामले में तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार और तत्कालीन एसडीएम संजीव कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए.
सरेंडर के बाद गोली मारने का आरोप
दरअसल, भरत तिवारी के एनकाउंटर के मामले में उनके परिजनों ने आरोप लगाया था कि भरत ने सरेंडर कर दिया था. लेकिन उसके बाद भी पुलिस की तरफ से गोलियां मारी गई थी. पहली गोली अक्षय कुमार की तरफ से ही चलाई गई थी. जिसके बाद मौके पर उसे तीन और गोलियां लगी थी. एनकाउंटर की जांच के बाद STF जवान अक्षय कुमार को लगातार जांच के लिए बुलाया जा रहा था. लेकिन अब पुलिस ने उसे आरा से गिरफ्तार कर लिया है. बता दें कि जिस वक्त भरत का एनकाउंटर हुआ था. उस वक्त वह फेसबुक पर लाइव थे. ऐसे में इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था. जो जांच में अहम साबित हुआ था.
भरत तिवारी भोजपुर के बिहार के रहने वाले थे. उनकी उम्र 26 साल थी. बताया जाता है कि वह सोशल मीडिया पर जनता की समस्याओं और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे. उनका कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं था. 17 जून को एक पुलिस कार्रवाई के दौरान एनकाउंटर हुआ था. सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर इस घटना की प्रकृति पर सवाल उठे, जिसमें उनके आत्मसमर्पण करने की बात सामने आई. इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर काफी विरोध हुआ था.
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