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अमेरिकी 'डिजिटल हथियारों' से ट्रंप को नुकसान पहुंचा रहा ईरान, समझिए आखिर कैसे

अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अब ईरान के लिए 'डिजिटल हथियार' बन गए हैं, जहां बिना मिसाइल और बारूद के वॉशिंगटन के 'सॉफ्ट पावर' पर तीखे मीम्स और एआई वीडियो से सीधा हमला किया जा रहा है.

अमेरिकी 'डिजिटल हथियारों' से ट्रंप को नुकसान पहुंचा रहा ईरान, समझिए आखिर कैसे
  • मिडिल ईस्ट के युद्ध में ईरान अपने सरकारी सोशल मीडिया अकाउंट्स से अमेरिका का खुलेआम मजाक उड़ा रहा है
  • ईरान अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर अमेरिका की सॉफ्ट पावर को चुनौती दे रहा है
  • ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी लड़ाकू विमान F-35 को मार गिराया, जिसे अमेरिका और इजरायल ने भी स्वीकार किया

मिडिल ईस्ट में जारी जंग में भले ही अमेरिका के पास सैन्य ताकत ज्यादा हो, लेकिन ईरान हर तरह से पलटवार कर रहा है. अगर बात नैरेटिव वॉर की करें, तो ईरान अमेरिका से कई गुना आगे है. ईरान अपने सरकारी ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट्स से अमेरिका को जमकर ट्रोल कर रहा है. मजेदार बात यह है कि ईरान जिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर अमेरिका का मजाक उड़ा रहा है, वे सभी प्लेटफॉर्म खुद यूएस के ही हैं. यानी सुपरपावर कहा जाने वाला अमेरिका ईरान के सामने अपने ही बनाए डिजिटल चक्रव्यूह में फंसता दिख रहा है.

बिना हथियार अमेरिका पर वार कर रहा ईरान

जिस सिलिकॉन वैली, फेसबुक और एक्स को वाशिंगटन अपनी 'सॉफ्ट पावर' का सबसे अजेय हथियार मानता था, आज वही प्लेटफॉर्म ईरान के लिए अमेरिका को सरेआम ट्रोल करने का सबसे बड़ा अड्डा बन चुके हैं. यह 21वीं सदी का वो 'डिजिटल गोरिल्ला वॉर' है जिसमें न तो वीजा की जरूरत है और न ही किसी लंबी दूरी की मिसाइल की. ईरान के डिजिटल योद्धा अब अमेरिकी सर्वरों पर बैठकर, अमेरिकी तकनीक का इस्तेमाल कर, खुद अमेरिका के ही रसूख की धज्जियां उड़ा रहे हैं.

कैसे उड़ा रहा अमेरिका का मजाक?

हाल ही ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका के लड़ाकू विमान F-35 को मार गिराया है. अमेरिका और इजरायल ने भी इसकी पुष्टि की. इसके बाद ईरान ने सोशल मीडिया पर कई मजेदार पोस्ट किए. एक पोस्ट में ईरान ने F-35 को 'ऑफ' (OFF) मोड में दिखाया गया. ईरान ने इसे (OF)F-35 लिखकर यह संदेश दिया कि उनके डिफेंस सिस्टम के सामने अमेरिका का यह सबसे महंगा लड़ाकू विमान भी एक खिलौने की तरह बंद हो जाएगा.

इसके अलावा ईरान ने साउथ अफ्रीका के प्रसिद्ध 'नेशनल ब्राई डे' के जरिए अमेरिका और इजरायल पर तंज कसा. ब्राई डे में लोग ग्रिल या बारबेक्यू करते हैं. इस पर ईरानी एम्बेसी ने लिखा, 'क्यों न इस जश्न को थोड़ा जल्दी मनाया जाए?'. पोस्ट के साथ जो तस्वीर शेयर की उसमें सारी कहानी छिपी हुई थी. ईरान ने एक AI तस्वीर पोस्ट की जिसमें अमेरिकी फाइटर जेट F-35 को ग्रिल किया जा रहा है.

क्या है इस नैरेटिव वॉर की अहमियत?

युद्ध में उलझे ईरान की यह रणनीति बेहद सोची-समझी है. युद्ध में हथियारों और संसाधनों में जहां मोटी रकम खर्च होती है, वहीं नैरेटिव वॉर में बिना एक भी पैसा खर्च किए अमेरिकी जनता के बीच अविश्वास और मजाक का माहौल पैदा किया जा रहा है. आजकल की युद्ध रणनीति में नैरेटिव वॉर का बड़ा महत्व है. माना ये भी जा रहा है कि ईरान एआई (AI) का इस्तेमाल कर इस तरह की पोस्ट के जरिए अमेरिकी चुनावों और लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है. अमेरिका में एक बड़ा तबका पहले से ही ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है.

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