- ईरान में आर्थिक संकट के कारण शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 35 लोग मारे गए हैं और प्रदर्शन जारी हैं
- एक सप्ताह से अधिक समय में हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है और हिंसा में बच्चे भी मारे गए हैं
- तेहरान समेत देश के अधिकांश प्रांतों में विरोध प्रदर्शन फैले हुए हैं, जो महंगाई और आर्थिक अस्थिरता के खिलाफ हैं
Iran's economic protests: ईरान में आर्थिक संकट से जूझती जनता का विद्रोह शांत होने का नाम नहीं ले रहा. एपी की रिपोर्ट के अनुसार ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या कम से कम 35 लोगों तक पहुंच गई है, और प्रदर्शन रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. यह आंकड़ा अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी से आया है, जिसमें कहा गया है कि एक सप्ताह से अधिक समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन में 1,200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.
इसमें कहा गया है कि 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और ईरान के सुरक्षा बलों के दो सदस्य मारे गए हैं. ईरान के 31 प्रांतों में से 27 में 250 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन की आंच पहुंच गई है. यह समूह, जो अपनी रिपोर्टिंग के लिए ईरान के अंदर एक कार्यकर्ता नेटवर्क पर निर्भर है, ईरान में अतीत में हुई अशांति में सटीक आंकड़े देता रहा है.
🚨🇮🇷 CLASHES INTENSIFY IN IRAN AS PROTESTERS FACE SECURITY FORCES
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) January 5, 2026
Brutal confrontations continue on the streets of Yasuj, as Iranian anti-regime protesters clash with Islamic regime security forces.
Footage shows escalating violence as unrest spreads amid the ongoing nationwide… https://t.co/H44a94MyXB pic.twitter.com/4wXIT5TXeE
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप कैसे और क्या सचमुच हस्तक्षेप करेंगे. लेकिन जबसे अमेरिकी सेना ने ईरान के लंबे समय से सहयोगी वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए सैन्य ऑपरेशन किया है, ट्रंप की ईरान को दी गई धमकी का वजन बढ़ गया है.
ईरान में जनता विद्रोह क्यों कर रही है?
ईरान में जनता के विद्रोह की सबसे बड़ी वजह वहां बढ़ती महंगाई है. विरोध प्रदर्शन देश की राजधानी तेहरान में शुरू हुआ, जहां दुकानदार ऊंची कीमतों और आर्थिक अस्थिरता को लेकर हड़ताल पर चले गए और तब से यह देश के अन्य हिस्सों में फैलता गया है. ईरान की करेंसी रियाल की वैल्यू बहुत गिर गई है, जिससे लोग डरे हुए हैं. 1 डॉलर की कीमत अब लगभग 14 लाख रियाल है. कई प्रदर्शनकारियों ने देश के सुप्रीम लीडर के शासन को खत्म करने का आह्वान किया है. कुछ लोगों ने राजशाही को वापस लाने की भी मांग की है.
NDTV से बात करते हुए एक ईरानी महिला ने बताया है कि पहले जिस एक किलो चावल की कीमत 0.6 डॉलर प्रति किलो थी, वो अब चार गुना से अधिक बढ़कर 2.5 डॉलर प्रति किलो तक पहुंच गयी है. इसे आप ऐसे समझिए कि पहले ईरान में जो चावल 60 रुपए प्रति किलो का मिल रहा था, आज वही चावल 250 प्रति किलो का बिक रहा है.
2022 के बाद से ईरान में यह विरोध प्रदर्शन सबसे बड़ा हो गया है. लगभग 4 साल पहले पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय महसा अमिनी की मौत के बाद देशव्यापी प्रदर्शन शुरू हो गए थे. हालांकि, विरोध अभी भी उतना व्यापक और तीव्र नहीं हुआ है जितना अमिनी की मौत के आसपास हुआ था, जिसे हिजाब न पहनने पर हिरासत में लिया गया था और हिरासत में उसे मार दिया गया था.
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