- इंडोनेशिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है
- सरकार ने कहा है कि यह प्रतिबंध बच्चों को डिजिटल खतरों और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने के लिए जरूरी था
- डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को नए नियमों का पालन करना अनिवार्य किया गया है और नियमों के उल्लंघन पर कोई समझौता नहीं
बच्चों की ऑनलाइन दुनिया पर सख्ती करते हुए इंडोनेशिया ने बड़ा कदम उठा लिया है. 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू कर इंडोनेशिया दक्षिण‑पूर्व एशिया का पहला देश बन गया है. सरकार का कहना है कि यह फैसला बच्चों को डिजिटल खतरों से बचाने और उनकी मानसिक भलाई सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था. इंडोनेशिया ने शनिवार से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू करना शुरू कर दिया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों के पालन के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. यह कदम ऑनलाइन पोर्नोग्राफी, साइबरबुलिंग और इंटरनेट की लत से बच्चों को होने वाले खतरों को देखते हुए उठाया गया है.
ये भी पढ़ें : स्कूलों में फोन के इस्तेमाल पर दुनिया के ये देश लगा चुके हैं बैन, UNESCO ने जारी किए आंकड़े
-
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज -
NDTV World Summit 2026: Asian Games में कैसे जीते 2 Gold Medal? Shooter Neeru Dhanda ने बताया -
AI न नौकरी खाएगा, न इंसानों की जगह लेगा... NDTV World Summit में माइक वॉल्श ने बता दिया AI का फ्यूचर -
महंगाई, GDP और AI पर RBI गवर्नर Sanjay Malhotra का बड़ा बयान, आम आदमी को कितनी राहत? | EXCLUSIVE -
Ashwini Vaishnaw की कुर्सी के पीछे की ओर क्यों लगी है कील? | EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026 -
रेलमंत्री वैष्णव ने बताया बुलेट ट्रेन में देरी की क्या रहीं वजहें, जापानी मंत्री के आरोपों का दिया जवाब -
NDTV World Summit 2026 | भारत पर साइबर अटैक का खतरा कितना बड़ा? Microsoft के निकोलस बट्स ने बताया -
AI पर भारत में आएगा कानून, NDTV World Summit में बोले अश्विनी वैष्णव- चंद हफ्तों में आएगा कंसल्टेशन पेपर -
NDTV World Summit 2026: सेमीकंडक्टर, AI और बुलेट ट्रेन पर क्या है भारत का मेगा प्लान? अश्विनी वैष्णव ने बताया -
'भारत के लिए खतरा बिल्कुल रियल': NDTV वर्ल्ड समिट में माइक्रोसॉफ्ट के AI विशेषज्ञ निकोलस बट्स
किसी तरह के समझौते की गुंजाइश नहीं
संचार मंत्री मेउत्या हाफिद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म X और Bigo Live ने नए नियमों का पूरी तरह पालन किया है और यूज़र्स की न्यूनतम उम्र से जुड़े बदलाव लागू कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि देश में काम कर रहे अन्य सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भी अपने प्रोडक्ट्स, फीचर्स और सेवाओं को तुरंत लागू नियमों के मुताबिक ढालना होगा. मेउत्या हाफ़िद ने दो टूक शब्दों में कहा, “हम फिर से दोहराते हैं कि नियमों के पालन के मामले में किसी भी तरह के समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है. इंडोनेशिया में काम करने वाली हर व्यावसायिक संस्था को देश में लागू कानूनों का पालन करना अनिवार्य है.” इस बीच, TikTok ने बयान में कहा कि वह नए नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है और मंत्रालय के साथ मिलकर 16 साल से कम उम्र के बच्चों के अकाउंट्स से जुड़े उचित कदम उठाएगा.
ये भी पढ़ें ; UK का बड़ा फैसला: 16 साल से कम बच्चों पर सोशल मीडिया BAN नहीं, लेकिन कंपनियों को दी ये कड़ी चेतावनी
बच्चों पर सोशल मीडिया का बुरा प्रभाव
इंडोनेशिया का यह फैसला ऑस्ट्रेलिया में दिसंबर में लागू की गई इसी तरह की नीति के बाद आया है और यह दिखाता है कि बच्चों की भलाई पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर दुनिया भर में बहस तेज होती जा रही है. हाल के दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सख्त रुख देखने को मिला है. लॉस एंजिल्स की एक जूरी ने Meta और YouTube को एक युवती को नुकसान पहुंचाने का दोषी ठहराते हुए कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स का ‘आदत डालने वाला डिज़ाइन' नुकसान की वजह बना. जूरी ने दोनों कंपनियों को 6 मिलियन डॉलर हर्जाना देने का आदेश दिया. इसी हफ्ते ब्रिटेन की संसद के ऊपरी सदन (हाउस ऑफ लॉर्ड्स) ने भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन के पक्ष में वोट किया, जिससे वहां की सरकार पर भी इसी तरह के कदम उठाने का दबाव बढ़ गया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं