इंडोनेशिया इन दिनों लंबे और तेज सूखे की मार झेल रहा है. देश के आधे से ज्यादा इलाके जुलाई तक सामान्य से ज्यादा लंबे सूखे की चपेट में आ चुके थे. इसके अगस्त में चरम पर पहुंचने की उम्मीद है. यहां के जंगलों में आग लगी हुई है. यहां के राष्ट्रीय उद्यान का 500 हेक्टेयर से ज्यादा इलाका जल चुका है. मौसम एजेंसी BMKG ने सूखे और जंगलों में आग के बढ़ते खतरे को लेकर चेतावनी दी है. इसी सूखे ने एक पुराने गांव को भी पानी के नीचे से बाहर ला दिया है.
जलाशय का पानी घटा, सामने आया दफन गांव
इंडोनेशिया के बैंटन प्रांत में स्थित सोमांग गांव लंबे समय से पानी के नीचे दफन था. इसे करियन रिजर्वायर प्रोजेक्ट के तहत डुबो दिया गया था. यह जलाशय 2015 से 2023 के बीच बनाया गया था और इसका उद्देश्य ग्रेटर जकार्ता इलाके में पानी को सप्लाई करना था. लेकिन अब चार महीने से बारिश नहीं होने के कारण जलाशय का पानी लगातार नीचे चला गया है. पानी घटने के साथ सोमांग गांव के अवशेष फिर दिखाई देने लगे. ऐसा लग रहा है कि जैसे यह गांव फिर जिंदा हो गया है. कभी यहां लोगों के घर थे. अब जलाशय के सूखते हिस्से में घरों के साथ एक मस्जिद और दूसरी इमारतें भी नजर आ रही हैं. लोग तो यहां घूमने भी पहुंच रहे हैं.
Prolonged DROUGHT reveals mosque, residential houses buried beneath Indonesian water reservoir pic.twitter.com/JvyPkVgRM4
— RTVisual (@RT_Visual_on_X) August 8, 2026
इंडोनेशिया के हालात
इंडोनेशिया में इस साल लंबे और बेहद तेज सूखे का अनुमान लगाया गया है. BMKG के मुताबिक, सूखे और जंगलों में आग का खतरा भी काफी बढ़ गया है. मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अल नीनो का असर 2027 की शुरुआत तक बना रह सकता है. जुलाई तक देश के आधे से ज्यादा मौसमी क्षेत्र लंबे सूखे की चपेट में थे. पिछले महीने तक देशभर में 5,000 से ज्यादा हॉटस्पॉट दर्ज किए गए, जो पिछले अल नीनो वाले वर्षों की तुलना में काफी ज्यादा हैं. इस साल की पहले 6 महीने में देशभर में 1.07 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन जल चुकी थी, जो 2023 में जंगल की आग से जले क्षेत्र के दोगुने से भी ज्यादा है.

माउंट ब्रोमो के पास ब्रोमो टेंगर सेमेरु नेशनल पार्क में जंगल की आग की लपटें और धुआं ऊपर उठ रहा है
सूखे में खिले नमक के खेत
जहां सूखा फसलों के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है, वहीं पश्चिमी जावा के नमक किसान इसका फायदा उठा रहे हैं. इंडोनेशिया में नमक उत्पादन का बड़ा हिस्सा कम तकनीक वाले तरीकों पर निर्भर है. सूखे मौसम ने समुद्र के तट पर बने तालाबों में सूखा दिया है. सिरेबोन में जुलाई में नमक उत्पादन करीब 600 मीट्रिक टन पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह केवल 25 से 30 टन था.
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