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भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड डील में हो सकती है देरी, ब्रिटेन के मंत्री पीटर काइल ने बताई वजह

भापरत-ब्रिटेन ट्रेड डील इस साल अप्रैल-मई तक लागू होना था, मगर ये अब तक नहीं हो पाया है. देरी के पीछे के कारण को ब्रिटेन को व्यापार मंत्री ने बता दिया है और उम्मीद जताई है कि ये समझौता इसी साल में लागू होगा.

भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड डील में हो सकती है देरी, ब्रिटेन के मंत्री पीटर काइल ने बताई वजह
पीयूष गोयल के साथ ब्रिटेन के व्यापार मंत्री पीटर काइल. (फोटो-पीटीआई)
  • ब्रिटेन और भारत के बीच फ्री ट्रेड डील को लागू करने की बातचीत तेजी से और अच्छी स्थिति में चल रही है
  • इस्पात विवाद के कारण समझौते के लागू होने में देरी हो रही है, लेकिन पुनः चर्चा की संभावना नहीं है
  • दोनों देशों ने मई 2025 में फ्री ट्रेड डील पर सहमति जताई थी और दो महीने बाद उस पर हस्ताक्षर किए गए थे

ब्रिटेन के व्यापार मंत्री पीटर काइल ने कहा कि फ्री ट्रेड डील  को लागू करने के लिए ब्रिटेन और भारत के बीच बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और अच्छी चल रही है. उन्होंने संकेत दिया कि इस्पात विवाद के बाद समझौते पर दोबारा चर्चा नहीं होगी, लेकिन यह उम्मीद से कुछ देरी से लागू हो सकता है. ब्रिटेन और भारत ने मई 2025 में एक फ्री ट्रेड डील  पर सहमति जताई थी और दो महीने बाद इस पर हस्ताक्षर किए थे. दोनों देशों की तरफ से समझौते की पुष्टि के बाद इसे लागू किया जाना था, जिसके लगभग एक साल के भीतर होने की उम्मीद थी. मगर अब देर हो रही है.

इस्पात विवाद के कारण देरी

भारतीय अधिकारियों ने ब्रिटेन की तरफ से अगले महीने लागू किए जाने वाले इस्पात व्यापार उपायों पर चिंता व्यक्त की है और सुझाव दिया है कि इसके परिणामस्वरूप व्यापार समझौते के कुछ पहलुओं पर फिर से बातचीत की जा सकती है. बुधवार को दिल्ली में हुई वार्ता से लौटने के बाद, काइल ने असहमति को कम करके आंका और अपने भारतीय समकक्ष पीयूष गोयल के इस बयान का हवाला दिया कि बातचीत अच्छी रही. लंदन शहर में एक व्यापारिक रात्रिभोज के बाद पत्रकारों से बात करते हुए काइल ने कहा, "हम आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हैं. इन चीजों में समय लगता है, लेकिन हम बहुत तेजी से काम कर रहे हैं."

फिर कब तक होगा समझौता 

एक ब्रिटिश अधिकारी ने कहा है कि फ्री ट्रेड डील  (एफटीए) को लागू करने पर बातचीत इस्पात व्यापार उपायों से अलग है. जब उनसे पूछा गया कि क्या समझौते पर दोबारा चर्चा हो सकती है, तो काइल ने कहा, "मैं सार्वजनिक रूप से या मीडिया के माध्यम से बातचीत नहीं कर रहा हूं, लेकिन एफटीए जैसा है वैसा ही रहेगा." उन्होंने संकेत दिया कि इसे इस साल के अंत तक लागू किया जा सकता है. उन्होंने कहा, "अगर हम इस साल शरद ऋतु में समझौते को लागू कर देते हैं, तो यह ब्रिटेन द्वारा अब तक हस्ताक्षरित किसी भी व्यापार समझौते की सबसे तेज कार्यान्वयन अवधि होगी." भारतीय अधिकारियों ने पहले कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि समझौता मई तक लागू हो जाएगा, हालांकि ब्रिटेन ने बातचीत के लिए कोई सटीक समयसीमा नहीं बताई है.

अमेरिकी टैरिफ पर क्या बोले

काइल ने जबरन श्रम पर नए अमेरिकी टैरिफ की संभावना पर भी आश्वासन देते हुए कहा कि वाशिंगटन ने इस मुद्दे पर ब्रिटेन के प्रयासों को स्वीकार किया है और फिलहाल ब्रिटेन पर कोई नया टैरिफ नहीं लगाया जाएगा. काइल ने कहा, "(यह) रिपोर्ट हमारे दृष्टिकोण को सही साबित करती है, क्योंकि उन्होंने ब्रिटिश कानून का उल्लेख किया है और हमें अपने सभी साझेदार देशों में सबसे उच्च श्रेणी में रखा है." उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल हुए ब्रिटेन-अमेरिका व्यापार समझौते पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.

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