विज्ञापन
This Article is From Jun 13, 2013

भारत रणनीतिक साझीदार, वैश्विक मामलों में महत्वपूर्ण देश : इस्राइल

यरुशलम: पाकिस्तान को हथियारों की बिक्री से संबंधित खबरों को गलत बताते हुए इस्राइल ने भारत को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपना लंबे समय से रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि ‘वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा, जिससे भारत की सुरक्षा पर असर पड़ सके।’ इस्राइली रक्षा मंत्रालय ने कहा, इस्राइल के भारत के साथ लंबे समय से रणनीतिक संबंध रहे हैं, भारत एक ऐसा लोकतंत्र है, जिसे आतंकवाद से लड़ने के मतलब पता हैं, और हम उसे वैश्विक मामलों में रणनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण देश मानते हैं।

मंत्रालय ने कहा, इस्राइल पाकिस्तान को किसी तरह के सैन्य उपकरण की बिक्री की खबर को पूरी तरह खारिज करता है। इस्राइल ऐसा कुछ भी नहीं करेगा, जिससे भारत की सुरक्षा कमजोर पड़े। इससे पहले इस्राइल के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी किसी तरह के हथियारों की बिक्री से स्पष्ट रूप से इनकार किया।

उन्होंने कहा, इस्राइल पाकिस्तान को सैन्य उपकरण निर्यात नहीं करता। यह हमारी तय नीति है, जिसका हम पूरी तरह पालन करते हैं। इस्राइली दैनिक हेरात्ज ने मंगलवार को ब्रिटिश सरकार की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा था कि पिछले पांच साल से इस्राइल ने पाकिस्तान और चार अरब देशों (जिनके साथ उसके कूटनीतिक संबंध नहीं हैं) को सुरक्षा उपकरणों का निर्यात किया है।

हथियारों एवं सुरक्षा उपकरणों के निर्यात के लिए ब्रिटिश सरकार के परमिट संबंधी कामकाज को देखने वाले, ब्रिटेन के व्यापारिक, नवोन्मेषी तथा कौशल विभाग द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के अलावा इस्राइल ने मिस्र, अल्जीरिया, संयुक्त अरब अमीरात तथा मोरक्को को सैन्य उपकरणों का निर्यात किया है।

कहा जाता है कि वर्ष 2011 में इस्राइल ने पाकिस्तान को निर्यात करने के लिए ब्रिटिश उपकरण खरीदे थे. जिसमें रडार प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, हेड अप कॉकपिट डिस्प्ले : एचयूडी :, लड़ाकू विमानों के पुर्जे तथा विमान के इंजन, ऑप्टिक टारगेट इक्विजीशन प्रणालियां, प्रशिक्षु विमानों के पुर्जे तथा सैन्य इलेक्ट्रोनिक प्रणालियां आदि शामिल थे। वर्ष 2010 में इस्राइल ने ब्रिटिश पुजरें वाली इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली और एचयूडी (हेड-अप कॉकपिट डिस्प्लेज) का पाकिस्तान को निर्यात करने के लिए परमिट हासिल करने की खातिर आवेदन किया था। हेरात्ज समाचारपत्र ने ब्रिटिश सरकार की रिपोर्ट के हवाले से यह खबर प्रकाशित की थी।

रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को इसे ‘गुमराह करने वाला’ बताया। भारत इस्राइल का सबसे बड़ा सैन्य उपकरण खरीददार है और विश्लेषकों का कहना है कि अगर सही हुई तो इससे दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों पर बुरा असर पड़ सकता है। कुछ साल पहले इस्राइल के सैन्य निर्यात में भारत की हिसेदारी लगभग 50 प्रतिशत बताई जाती थी।

पाकिस्तान के भूतपूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अपने कार्यकाल में जब इस्राइल के साथ संबंध सामान्य करने की कोशिशें शुरू की थीं तब भारत के विश्लेषकों ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि इस्राइली सैन्य उपकरणों की वजह से भारत को पाकिस्तान पर जो बढ़त हासिल है, वह खत्म हो सकती है।

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
इस्राइल, भारत पर इस्राइल, इस्राइल-भारत संबंध, Israel, Israel On India, India Strategic Partner