विज्ञापन
This Article is From Feb 28, 2012

अफ्रीका में समुद्री लूट से लड़ने में भारत मदद को तैयार

संयुक्त राष्ट्र: भारत ने गिनी की खाड़ी में समुद्री लूट के खतरे से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में योगदान देने के लिए तत्परता दिखाई है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी ने सुरक्षा परिषद से सोमवार को कहा, "भारत इस क्षेत्र के देशों के समुद्र में समुद्री लूट व सशस्त्र लूट से निपटने में प्रभावी सहयोग बढ़ाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में योगदान देने के लिए तैयार है।"

अफ्रीका के दोनों तटों पर समुद्री लूट इस इलाके में मौजूद अस्थिरता व आतंकवादी और आपराधिक समूहों की यहां पहुंच को दिखाती है। पुरी ने इस क्षेत्र में उभरते तेल उद्योगों व वाणिज्यिक नौवहन पर समुद्री लूट का बुरा प्रभाव पड़ने के मद्देनजर यह बात कही। पुरी ने कहा कि सोमालिया के तट पर समुद्री लूट में भारत सबसे ज्यादा प्रभावित है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समुद्री लूट विरोधी रणनीति तैयार करने की त्वरित आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भारत गिनी की खाड़ी सहित उसके आर्थिक व सामाजिक तटों पर बढ़ती समुद्री लूट के प्रति चिंतित है। पुरी ने कहा कि अब समय आ गया है कि सुरक्षा परिषद समुद्री लूट के प्रति अपनी चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस योजना बनाए। उन्होंने कहा कि यह एक क्षेत्रीय समस्या है लेकिन यह आवश्यक है कि संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में पश्चिमी अफ्रीका व क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय संगठनों सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय के पूर्ण सहयोग से इससे निपटा जाए।

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
India On Pirators, भारत, समुद्री लुटेरे