विज्ञापन

'AI को चंद देश या अरबपति कंट्रोल नहीं कर सकते': AI इम्पैक्ट समिट में बोले UN चीफ गुटेरेस

India AI Impact Summit: पीएम मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, गूगल के सुंदर पिचाई सहित टॉप के टेक CEOs ने गुरुवार को नई दिल्ली में  'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट- 2026' में भाग लिया.

'AI को चंद देश या अरबपति कंट्रोल नहीं कर सकते': AI इम्पैक्ट समिट में बोले UN चीफ गुटेरेस
AI इम्पैक्ट समिट में बोलते UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस
  • UN के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि AI का भविष्य कुछ देशों या अरबपतियों द्वारा नियंत्रित नहीं होना चाहिए
  • गुटेरेस ने AI इम्पैक्ट समिट के लिए भारत को बधाई दी और ग्लोबल साउथ में पहले AI सम्मेलन की मेजबानी की सराहना की
  • उन्होंने AI के समाजों और अर्थव्यवस्थाओं पर तेजी से प्रभाव और वैश्विक स्तर पर गवर्नेंस की जरूरत पर जोर दिया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

संयुक्त राष्ट्र यानी UN के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार, 19 फरवरी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भविष्य मुट्ठी भर देशों द्वारा तय नहीं किया जा सकता, न ही इसे कुछ अरबपतियों द्वारा नियंत्रित किया जाना चाहिए. निमंत्रण के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए, गुटेरेस ने ग्लोबल साउथ में पहले AI शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत को बधाई दी.

गुटेरेस ने इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को बदल रही है, और इसका गवर्नेंस दुनिया के स्तर पर होना चाहिए. गुटेरेस ने कहा, "AI का भविष्य मुट्ठी भर देशों द्वारा तय नहीं किया जा सकता है या कुछ अरबपतियों की मर्जी पर नहीं छोड़ा जा सकता है." गुटेरेस ने बताय कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पहले कभी न देखी गई गति से अर्थव्यवस्थाओं, समाजों और शासन संरचनाओं को बदल रहा है. उन्होंने पूरी दुनिया में AI के समान पहुंच और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करने के लिए बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया.

उन्होंने कहा, "इस शिखर सम्मेलन का मैसेज बिल्कुल सिंपल है. असली इम्पैक्ट का मतलब ऐसी तकनीक से है जो जीवन को बेहतर बनाती है और अपनी धरती की रक्षा करती है. तो आइए डिफ़ॉल्ट सेटिंग के रूप में गरिमा के साथ सभी के लिए AI का निर्माण करें... PM मोदी आपके निमंत्रण के लिए धन्यवाद और ग्लोबल साउथ में पहला AI शिखर सम्मेलन आयोजित करने में भारत के नेतृत्व के लिए बधाई."

UN का कहना है कि AI में समावेशिता को बढ़ावा देने, असमानताओं को कम करने, लगभग 80% सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में तेजी लाने और UN सिस्टम के काम को मजबूत करने में मदद करके की महत्वपूर्ण क्षमता है.  भारत कर रहा दुनिया की सबसे बड़ी मेजबानी

बता दें कि पीएम मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, गूगल के सुंदर पिचाई सहित टॉप के टेक CEOs ने गुरुवार को नई दिल्ली में  'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट- 2026' में भाग लिया. भारत इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर केंद्रित दुनिया के सबसे बड़े सम्मेलनों में से एक की मेजबानी कर रहा है. यहां मंच पर अपनी बात रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस भी आए थे.

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट इस मोर्चे पर अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन है. 2023 में यूके, 2024 में दक्षिण कोरिया और 2025 में फ्रांस में हुए पिछले शिखर सम्मेलन के बाद यह AI पर केंद्रित चौथी वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सभा है. इसमें 20 से अधिक देशों के प्रमुखों और 500 से अधिक वैश्विक AI लीडर्स को एक साथ लाया गया है, जिनमें लगभग 100 CEOs और संस्थापक शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: भारत के बदलाव की रफ्तार देखकर हैरान.. AI समिट में सुंदर पिचाई ने याद किए कॉलेज वाले दिन

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com