- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया दौरे के दौरान फेमस प्रम्बानन मंदिर पहुंचे
- प्रम्बानन मंदिर हजार साल से अधिक पुराना है और इसे इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है
- यह मंदिर भगवान शिव, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित है और रामायण महाकाव्य की नक्काशियां इसमें उकेरी गई हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार से तीन दिन के इंडोनेशिया दौरे पर हैं. मंगलवार को वह जकार्ता पहुंचे थे. बुधवार को वह इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर पहुंचे. सदियों पुराने इस मंदिर को इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है. यह योग्याकार्ता शहर से करीब 17 किमी. उत्तर-पूर्व में स्थित है. दरअसल भारत, योग्याकार्ता में मौजूद यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल 'प्रम्बानन मंदिर परिसर' के संरक्षण और जीर्णोद्धार में इंडोनेशिया की मदद करने जा रहा है. इस परियोजना पर काम करने के लिए मंगलवार को दोनों देशों ने 'आशय पत्र' एक्सचेंज किया था. पीएम मोदी आज प्रम्बानन मंदिर पहुंचे हैं
1 हजार साल से भी ज्यादा पुराना है प्रम्बानन मंदिर
मोदी ने जॉइंट प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मंगलवार को कहा था कि उनको बुधवार को योग्याकार्ता में राष्ट्रपति प्रबोवो के संग मिलकर प्रम्बानन मंदिर की संरक्षण परियोजना की शुरुआत करने का मौका मिलेगा. 1 हजार साल से भी ज्यादा पुराना प्रम्बानन मंदिर, भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का शाश्वत प्रतीक है.
The majestic Prambanan Temple! pic.twitter.com/pRS2S9X5gm
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026
इंडोनेशिया में भगवान शिव का सबसे बड़ा मंदिर
यूनेस्को की वेबसाइट के मुताबिक, इंडोनेशिया में 10वीं सदी में बना भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है. इसके केंद्र में तीन प्रमुख मंदिरों की दीवारों पर रामायण महाकाव्य को उकेरा गया है. ये मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवों, ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित हैं. इसके अलावा तीन अन्य मंदिर उन पशुओं को समर्पित हैं, जिन्हें इन देवताओं का वाहन माना जाता है.
हिंदू राजा ने कराया था प्रम्बानन मंदिर का निर्माण
प्रम्बानन मंदिर का निर्माण 1850 ईस्वी में हुआ था. इस मंदिर का निर्माण प्राचीन मतार साम्राज्य पर शासन करने वाले संजया राजवंश के एक हिंदू राजा राकाई पिकाटन ने कराया था. इसका संस्कृत नाम शिवगृह है, मतलब शिव का घर. इस मंदिर में ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पूजा होती है. इस मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा विराजमान है.

PTI फोटो.
मंदिर की रेलिंग भी काफी नक्काशीदार
प्रम्बानन मंदिर परिसर को माउंट मेरू की तर्ज पर बनाया गया है. इस मंदिर को बनाने का मकसद बौद्ध के बढ़ते प्रभुत्व के दौर में हिंदू धर्म को फिर से स्थापित करना था. आज यह इंडोनेशिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है. इस मंदिर की रेलिंग भी काफी नक्काशीदार है. इसे हिंदू शिक्षा के प्रसार का माध्यम माना जाता था. कहा जाता है कि रेलिंग पर उकेरी गई नक्काशी रामायण और महाभारत की कहानियां बताते हैं.
बता दें कि इंडोनेशिया से मोदी मोदी बुधवार शाम को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर मेलबर्न के लिए रवाना होंगे. मेलबर्न में वह भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगे. इसके अलावा, यह दौरा भारत और ऑस्ट्रेलिया को उभरती और अहम प्रौद्योगिकी, खेल और खेल विज्ञान के क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का मौका देगा.
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