वाशिंगटन:
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई कह चुके हैं कि तालिबान चरमपंथियों के साथ बातचीत का भविष्य अधर में है लेकिन अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का कहना है कि अफगानिस्तान सरकार तालिबान चरमपंथियों को शांति वार्ता के लिए आगे लाने का प्रयास जारी रखेगी। हिलेरी ने साक्षात्कार में कहा कि राष्ट्रपति करजई इस बात को समझ रहे हैं कि तालिबान के कुछ हिस्सों या संपूर्ण तालिबान के साथ बातचीत के लिए अभी भी वहां पर अवसर है। अमेरिका का मानना है कि संघर्ष खत्म करने के लिए तालिबान और अफगानिस्तान में वाशिंगटन समर्थित सरकार के बीच राजनीतिक समाधान ही मुख्य रास्ता है। पिछले साल करजई अमेरिका के तालिबान नेताओं के साथ बातचीत के लिए गुप्त, समानांतर रास्ता अख्तियार करने पर भी नाराज थे। तालिबान ने करजई सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए किसी भी प्रकार की इच्छा नहीं दिखाई है। सप्ताहांत में करजई ने कहा था कि चरमपंथियों से सीधी बातचीत करने के लिए वह प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में इसके लिए पाकिस्तान को पहल करना चाहिए क्योंकि तालिबान के आला नेता वहीं रहते हैं।
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हिलेरी क्लिंटन, वार्ता, चरमपंथी