
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी की फाइल फोटो
जेद्दा (सऊदी अरब):
दुनिया के सबसे बड़े इस्लामिक संगठन 'आर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉआपरेशन' (ओआईसी) ने कहा है कि उसके सऊदी अरब प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया है. इससे एक दिन पहले मिस्र ने राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी का मजाक उड़ाने वाली टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर की थी.
जेद्दा में स्थित संगठन ओआईसी के महासचिव इयाद मदनी ने एक बयान में कहा, 'स्वास्थ्य संबंधी कारणों से इस्तीफा दे दिया है.' इससे दो दिन पहले काहिरा ने उस टिप्पणी की निंदा की थी, जिसके कारण मिस्र के लोग नाराज हो गए थे.
गौरतलब है कि सऊदी के पूर्व मंत्री ने पिछले हफ्ते एक सम्मेलन के दौरान सिसी के नाम का ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति बेजी कैड एसेबसी के नाम के साथ घालमेल करने पर यह टिप्पणी की थी. उन्होंने ट्यूनीशिया के नेता से कहा था, 'माननीय राष्ट्रपति बेजी कैड अल सिसी. एसेबसी, माफ करना. यह एक बड़ी गलती है.'
मिस्र के विदेश मंत्री समेह शौकरी ने शनिवार को मदनी की टिप्पणी को संगठन के संस्थापक राज्यों और उनके राजनीतिक नेतृत्व के खिलाफ गंभीर अतिक्रमण बताया था. उन्होंने अंग्रेजी में दिए बयान में कहा, 'इस प्रकार की टिप्पणियां संगठन के महासचिव के रूप में उनकी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों एवं पद के अनुरूप नहीं हैं और मूलभूत रूप से यह उन्हें कर्तव्यों से बाहर ले जाती हैं.'
मदनी 2014 से इस संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने एक बयान में यह कहते हुए खेद जताया कि उनका आशय 'मिस्र के नेतृत्व की बेइज्जती' करने का नहीं था. ओआईसी के बयान में बताया गया है कि सऊदी अरब ने मदनी के स्थान पर सामाजिक मामलों के पूर्व मंत्री युसुफ अल-उसैमीन को नियुक्त किया है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जेद्दा में स्थित संगठन ओआईसी के महासचिव इयाद मदनी ने एक बयान में कहा, 'स्वास्थ्य संबंधी कारणों से इस्तीफा दे दिया है.' इससे दो दिन पहले काहिरा ने उस टिप्पणी की निंदा की थी, जिसके कारण मिस्र के लोग नाराज हो गए थे.
गौरतलब है कि सऊदी के पूर्व मंत्री ने पिछले हफ्ते एक सम्मेलन के दौरान सिसी के नाम का ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति बेजी कैड एसेबसी के नाम के साथ घालमेल करने पर यह टिप्पणी की थी. उन्होंने ट्यूनीशिया के नेता से कहा था, 'माननीय राष्ट्रपति बेजी कैड अल सिसी. एसेबसी, माफ करना. यह एक बड़ी गलती है.'
मिस्र के विदेश मंत्री समेह शौकरी ने शनिवार को मदनी की टिप्पणी को संगठन के संस्थापक राज्यों और उनके राजनीतिक नेतृत्व के खिलाफ गंभीर अतिक्रमण बताया था. उन्होंने अंग्रेजी में दिए बयान में कहा, 'इस प्रकार की टिप्पणियां संगठन के महासचिव के रूप में उनकी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों एवं पद के अनुरूप नहीं हैं और मूलभूत रूप से यह उन्हें कर्तव्यों से बाहर ले जाती हैं.'
मदनी 2014 से इस संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने एक बयान में यह कहते हुए खेद जताया कि उनका आशय 'मिस्र के नेतृत्व की बेइज्जती' करने का नहीं था. ओआईसी के बयान में बताया गया है कि सऊदी अरब ने मदनी के स्थान पर सामाजिक मामलों के पूर्व मंत्री युसुफ अल-उसैमीन को नियुक्त किया है.
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