न्यूयॉर्क:
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रमों को अपने सालाना समर स्कूल सत्र से हटाने का फैसला किया है। विश्वविद्यालय ने भारत में इस्लामिक आतंकवाद पर लिखे उनके विवादित आलेख को निंदनीय माना है। हार्वर्ड फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज की बैठक में संकाय सदस्यों ने भारी बहुमत के साथ स्वामी द्वारा पढ़ाए जाने वाले दो पाठ्यक्रमों को हटाने पर अपनी मुहर लगाई। स्वामी हार्वर्ड समर स्कूल के तीन महीने के सत्र में अर्थशास्त्र और व्यापार में परिमाणात्मक तरीके और भारत और पूर्वी एशिया में आर्थिक विकास विषय पढ़ाते हैं। हार्वर्ड क्रिमसन के मुताबिक, समर स्कूल के 2012 के पाठ्यक्रमों की सूचीपत्र को मंजूरी देने के लिए हुई इस बैठक में प्रोफेसर डायना इक ने स्वामी के पाठ्यक्रमों को हटाने की सिफारिश की, जिसके बाद बैठक में गरमागरम बहस हुई।जुलाई में अपने आलेख में स्वामी ने सैकड़ों मस्जिदों को ढहाने की वकालत की और सुझाव दिया कि केवल उन्हीं मुस्लिमों को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए, जो यह स्वीकार करें कि उनके पूर्वज हिन्दू थे। इक ने कहा कि स्वामी का आलेख एक पूरे धार्मिक समुदाय के खिलाफ दुष्प्रचार कर और उनके पवित्र स्थानों के खिलाफ हिंसा का आह्वान करता है। उन्होंने कहा, हार्वर्ड की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह खुद को ऐसे व्यक्ति से नहीं जोड़े, जो अल्पसंख्यक समूह के खिलाफ घृणा का भाव जाहिर करता हो। प्रोफेसर ने कहा, अलोकप्रिय और अस्वीकार्य राजनीतिक मतों में फर्क है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए हार्वर्ड ने स्वामी का साथ देने का फैसला किया था, जिसके विरोध में 400 से ज्यादा छात्रों ने दस्तखत कर स्वामी को हटाए जाने के लिए एक याचिका पर दस्तखत किया। जनता पार्टी नेता स्वामी ने 1965 में हार्वर्ड से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट किया और वहां व्याख्याता के तौर पर काम किया।
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