- जर्मनी के ल्यूबेक के पास 44 फीट लंबी हम्पबैक व्हेल कई हफ्तों से रेत के टापू पर फंसी हुई है
- अब जर्मनी में दो बिजनेसमैन द्वारा नया रेस्क्यू प्लान मंजूर किया गया है, जिसमें हवा भरे कुशन का उपयोग होगा
- पर्यावरण मंत्री टिल बैकहाउस ने कहा कि व्हेल की हालत गंभीर है लेकिन बचाने की आखिरी कोशिश जारी रहेगी
दुनिया के एक कोने में समुद्र के किनारे फंसी एक विशाल व्हेल… कई हफ्तों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है. लोगों ने उम्मीद छोड़ दी थी, सरकार ने भी कह दिया था कि अब इसे बचाना संभव नहीं. लेकिन अचानक कहानी में बड़ा मोड़ आया है. अब जर्मनी में एक नई कोशिश शुरू होने जा रही है, जो इस व्हेल को फिर से उसके असली घर, यानी समुद्र के अंदर पहुंचा सकती है. सबकी जुबान पर एक ही सवाल है कि क्या आखिरी कोशिश कामयाब होगी. चलिए पूरी कहानी बताते हैं.
कैसे फंसी यह व्हेल?
यह 13.5 मीटर (44 फीट) लंबी हम्पबैक व्हेल पहले 23 मार्च को ल्यूबेक शहर के पास रेत के टापू (sandbank) में फंसी मिली थी. इसके बाद यह कई बार फंसी और खुद ही छूटी भी, इसलिए शुरुआत में उम्मीद थी कि यह खुद अटलांटिक महासागर तक वापस पहुंच जाएगी. लेकिन 1 अप्रैल को अधिकारियों ने कहा कि व्हेल बहुत ज्यादा घायल और परेशान है, और अब इसे बचाना मुश्किल है. इस व्हेल की कहानी ने जर्मनी के लोगों का दिल छू लिया. मीडिया ने इसे “टिम्मी” नाम भी दे दिया.

Rescue teams in northern Germany work to REFLOAT A HUMPBACK WHALE stranded in shallow waters of the Baltic Sea in an effort to save its life pic.twitter.com/Lup6jRoZAV
— RT (@RT_com) March 26, 2026
आखिरी कोशिश: क्या बच पाएगी व्हेल?
जर्मनी के अधिकारियों ने बुधवार को एक बड़ी मंजूरी दी. उन्होंने हम्पबैक व्हेल को बचाने की आखिरी कोशिश को हरी झंडी दी. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार यह नया रेस्क्यू प्लान दो बिजनेसमैन ने दी है. इसमें व्हेल को हवा भरे कुशन की मदद से उठाया जाएगा और फिर पोंटून (तैरते प्लेटफॉर्म) की मदद से उसे समंदर में ले जाया जाएगा.
स्थानीय राज्य के पर्यावरण मंत्री टिल बैकहाउस ने कहा कि हमने फैसला किया है कि जब तक व्हेल जिंदा है, उसे बचाने की कोशिश की जा सकती है. इससे पहली बार उसे उसके प्राकृतिक घर में वापस भेजने का मौका मिलेगा. बता दें कि दो हफ्ते पहले स्थानीय अधिकारियों ने कह दिया था कि अब व्हेल को बचाना संभव नहीं है. यह व्हेल पोएल द्वीप के पास, विस्मार के करीब फंसी हुई थी.
नई योजना बनाने वाले बिजनेसमैन में से एक वाल्टर गुंज हैं, जो MediaMarkt नाम की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के संस्थापक हैं. मंत्री बैकहाउस ने कहा कि अब व्हेल को बचाने का “एक मौका” है, लेकिन उसकी हालत अभी भी बहुत खराब है और वह गंभीर रूप से बीमार है. उन्होंने साफ कहा, “स्थिति अभी भी बहुत नाजुक है. खतरा टला नहीं है. लेकिन अब हमारे पास एक योजना है.”