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बरमूडा ट्रायंगल के 20 किमी नीचे वैज्ञानिकों को मिला कुछ ऐसा, देख वैज्ञानिक भी रह गए हैरान!

क्या बरमूडा ट्रायंगल का खौफनाक राज आखिरकार खुलने वाला है? समंदर के उस 'डेविल्स त्रिकोण' के सीने को चीरकर वैज्ञानिकों ने 'पाताल' में एक ऐसी अजीबोगरीब चीज ढूंढ निकाली है, जिसने बरमूडा के वजूद की पूरी कहानी ही पलट कर रख दी है.

बरमूडा ट्रायंगल के 20 किमी नीचे वैज्ञानिकों को मिला कुछ ऐसा, देख वैज्ञानिक भी रह गए हैरान!
Bermuda Triangle News: समंदर के सीने में दफन था करोड़ों साल पुराना राज, वैज्ञानिकों को मिला अजीबोगरीब तैरता हुआ प्लेटफॉर्म!

Bermuda Triangle mystery: बरमूडा ट्रायंगल...एक ऐसा नाम जिसे सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं और जेहन में हॉरर फिल्मों जैसे सीन तैरने लगते हैं. जहां से गुजरने वाले जहाज और हवाई जहाज हवा में कपूर की तरह उड़ जाते हैं, वहां अब वैज्ञानिकों ने पाताल का एक ऐसा राज खोला है जिसने सबको हैरत में डाल दिया है.

पाताल में छिपा था अनोखा तैरता हुआ मंच (Strange Floating Platform Found Beneath Bermuda)

येल यूनिवर्सिटी और कार्नेगी साइंस के भूवैज्ञानिकों ने जब भूकंप की तरंगों के जरिए धरती के पेट का एक्स-रे (3D इमेज) निकाला, तो होश उड़ गए. बरमूडा द्वीप के ठीक 20 किलोमीटर नीचे एक बेहद अजीब, मोटी और कम घनत्व वाली अनोखी चट्टानी परत मिली है. ये चट्टान किसी तैरते हुए भारी-भरकम प्लेटफॉर्म की तरह समंदर के अंदर टिकी हुई है, जिसे देखकर खुद साइंस की दुनिया सख्ते में है.

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Photo Credit: AI

करोड़ों साल पुराने ज्वालामुखी का खौफनाक कनेक्शन (Magma and Volcanic History of Bermuda Island)

जर्नल जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में छपी इस सनसनीखेज रिपोर्ट के मुताबिक, यह कोई इंसानी या 'एलियन' का ढांचा नहीं है. दरअसल, करोड़ों साल पहले जब धरती के महाद्वीप (पैंजिया) आपस में टूट रहे थे, तब इस इलाके में भयंकर ज्वालामुखी फटे थे. उस वक्त जो खौफनाक लावा (मैग्मा) निकला, वो वक्त के साथ ठंडा होकर इस जादुई चट्टानी परत में तब्दील हो गया. इसी मजबूत और अनोखी नींव के दम पर बरमूडा आज भी लहरों के बीच सीना ताने खड़ा है, वरना आम तौर पर ऐसे टापू वक्त के साथ समंदर की गहराइयों में समा जाते हैं.

तो क्या जहाजों के गायब होने का राज खुल गया? (The Reality of Bermuda Triangle Disappearances)

अब आपके दिमाग में घंटी बजी होगी कि, क्या इसी अजीब चट्टान की वजह से सारे प्लेन और पानी के जहाज गायब होते थे? वैज्ञानिकों ने इस पर साफ-साफ फुलस्टॉप लगा दिया है. यूएस कोस्ट गार्ड और नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) जैसी बड़ी एजेंसियों का कहना है कि, इस चट्टान का हादसों से कोई सीधा वास्ता नहीं है. असल में, वहां होने वाले हादसों के पीछे कोई शक्ति या एलियन नहीं, बल्कि समंदर की लहरें, अचानक बदलने वाला जानलेवा मौसम और इंसानी गलतियां जिम्मेदार रही हैं, लेकिन हां, इस नई खोज ने पृथ्वी के बनने के पुराने इतिहास को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है.

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बरमूडा ट्रायंगल को लेकर बनी बनाई कहानियों का सस्पेंस भले ही थोड़ा फीका पड़ गया हो, लेकिन समंदर के नीचे मिली इस अनसुनी चट्टानी 'तिजोरी' ने यह साबित कर दिया है कि हमारी कुदरत के पास आज भी ऐसे कई राज हैं, जिनका जवाब इंसानी दिमाग के पास शायद कभी नहीं होगा.

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
 

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