त्रिपोली:
लीबिया के नेता मुअम्मर गद्दाफी के वफादार सैनिकों पर देश के पूर्वी हिस्से में बड़े तेल क्षेत्रों पर हमला करने के आरोप लगाये गए जिसके कारण तेल उत्पादन बंद हो गया। समझा जाता है कि गद्दाफी के सैनिकों के इस कदम का उद्देश्य विद्रोहियों के आर्थिक स्रोत पर रोक लगाना है। इस बीच गद्दाफी के सैनिकों ने मुख्य तेल क्षेत्र ब्रेगा को अपने कब्जे में करने के लिए विद्रोहियों को एक बार फिर पीछे ढकेल दिया। बेंगाजी में विद्रोहियों के प्रवक्ता ने कहा कि देश में सबसे बड़े तेल क्षेत्र सरीर, जहां पर 12 अरब बैरल तेल का सुरक्षित भंडार है और पास के मिसाला तेल क्षेत्र को सरकारी सेना ने टैंक और तोपों से गोलाबारी करके काफी नुकसान पहुंचाया है। देश में 42 वर्ष के शासन के खिलाफ जन विद्रोह शुरू होने के बाद तेल क्षेत्रों पर यह पहला हमला है जिसका ब्रिटिश लड़ाकू विमानों ने तेल क्षेत्रों पर गोलाबारी करके हवाई हमला करके जवाबी कार्रवाई की जिसमें तीन सैनिक मारे गए और कई तेल क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी घायल हो गए। लीबिया के उप विदेश मंत्री खालिद कईम ने राजधानी त्रिपोली में संवाददाताओं से कहा कि इस हमले में दो तेल क्षेत्रों को मार्सा अल हरीगा बंदरगाह से जोड़ने वाली पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों को खिलाफ बताया जो संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप नहीं थे।
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