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यह गर्मी अमेरिका की वजह से पैदा हुई, तपिश से 1000 मौतें झेल चुका फ्रांस क्यों लगा रहा ऐसा आरोप

पुलवर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'प्यारे अमेरिकी पत्रकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, आपमें से कई लोगों ने पेरिस का मजाक उड़ाया है और आलोचना की है कि हमारे यहां हर कमरे में एसी क्यों नहीं है. आप दुनिया में ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन में दूसरे नंबर पर हैं.'

यह गर्मी अमेरिका की वजह से पैदा हुई, तपिश से 1000 मौतें झेल चुका फ्रांस क्यों लगा रहा ऐसा आरोप
पेरिस:

फ्रांस में बीते कुछ दिनों में ही 1000 से ज्यादा मौतें गर्मी के चलते हो गई हैं. फ्रांस, जर्मनी समेत यूरोप के कई देशों में फिलहाल तापमान 40 डिग्री के आसपास है. इतनी गर्मी भारत समेत एशिया के तमाम देशों में सामान्य बात है, लेकिन फ्रांस में लोगों की हालत खराब है. बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ रहे हैं और मौतें होने लगी हैं. इस बीच दुनिया भर में सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा है. यही नहीं अमेरिकी टूरिस्टों ने भी इसे लेकर सवाल उठाए हैं और फ्रांस का मजाक तक उड़ाया गया है. ऐसी ही कुछ पोस्टों पर अब फ्रांस ने भी जवाब दिया है और इतनी भीषण गर्मी के लिए अमेरिका को ही जिम्मेदार ठहराया है.

अमेरिका के कई लोगों ने फ्रांस की यह कहते हुए आलोचना की है कि आखिर आपके यहां एसी क्यों नहीं है. दरअसल फ्रांस में एसी लगाने का औसत महज 25 फीसदी ही है. जर्मनी में तो महज 7 पर्सेंट ही है. फ्रांस और जर्मनी के ज्यादातर घरों और दफ्तरों में एसी नहीं रहता. यहां तक कि कूलर और पंखे भी कम ही लगते हैं. ऐसे में गर्मी बढ़ी है तो अचानक से हाहाकार मच गया है. इस बीच अमेरिकियों ने फ्रांस का मजाक उड़ाया तो पेरिस के डिप्टी मेयर ऑड्रे पुलवर ने भी पलटवार किया है. उन्होंने फ्रांस में पड़ रही इतनी भीषण गर्मी और लू के लिए अमेरिका को ही जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि अमेरिका कार्बन उत्सर्जन करने वाले देशों में टॉप पर है. उसी के चलते ऐसी ग्लोबल वॉर्मिंग हुई है और नतीजे में यूरोप में भी इतनी गर्मी बढ़ी है.

पुलवर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'प्यारे अमेरिकी पत्रकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, आपमें से कई लोगों ने पेरिस का मजाक उड़ाया है और आलोचना की है कि हमारे यहां हर कमरे में एसी क्यों नहीं है. आप दुनिया में ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन में दूसरे नंबर पर हैं. इसलिए ग्लोबल वार्मिंग के लिए बहुत हद तक आप जिम्मेदार हैं. उसी का नतीजा हम फ्रांस में भुगत रहे हैं. आपके शहरों में 90 फीसदी घरों में एसी लगे हैं. ऐसा हमारा कल्चर नहीं है.' उन्होंने कहा कि अमेरिका को ग्लोबल वॉर्मिंग कम करने में अपने हिस्से का योगदान देना चाहिए. इसकी बजाय वह हमारा मजाक ही बनाने की कोशिश में रहता है.

Ipsos के एक सर्वे के अनुसार फ्रांस के 78 फीसदी लोग मानते हैं कि एसी का इस्तेमाल करना अच्छी बात नहीं है. सर्वे में 6 में से 1 शख्स ने ही कहा कि एसी का इस्तेमाल सही है. उनका कहना था कि थोड़ी गर्मी बर्दाश्त कर लेना सही है, लेकिन पर्यावरण के संरक्षण के लिए यह जरूरी है कि एसी न चलाए जाएं. लेकिन बीते एक सप्ताह में ही हुई भीषण गर्मी ने लोगों के विचार बदल दिए हैं. बड़ी संख्या में लोग दुकानों पर पहुंच रहे हैं और एसी खरीद रहे हैं.

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