- फ्रांस के आर्सी-सुर-ओब शहर में मेयर चुनाव में चार्ल्स हिटलर और रेनॉ जिलेंस्की नाम के उम्मीदवार मुकाबला
- चार्ल्स हिटलर के नाम की वजह से उन्हें अक्सर मजाक का सामना करना पड़ता है
- सोशल मीडिया पर इस चुनाव को हिटलर और जेलेंस्की के नामों के कारण खूब चर्चा और मजाक का विषय बनाया गया है
फ्रांस में एक छोटा सा शहर है. इसका नाम है आर्सी-सुर-ओब. इसकी जनसंख्या तो केवल 2785 है लेकिन अब यह शहर इंटरनेट पर फेमस हो गया है, इसका नाम खूब वायरल हो रहा है. वजह है कि यहां के मेयर चुनाव में हिटलर का मुकाबला जिलेंस्की है. दरअसल यहां के मेयर चार्ल्स हिटलर हैं, जो रविवार को होने वाले नगर पालिका चुनाव में फिर से चुनाव लड़ रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि उनके दो प्रतिद्वंद्वियों में से एक का नाम रेनॉ जिलेंस्की है. जैसा कि आप जानते हैं हिटलर बोलने से ख्याल जर्मीन के तानाशाह चांस्लर एडोल्फ हिटलर का आता है और जिलेंस्की का नाम यूक्रेन के मौजूदा राष्ट्रपति व्लोडिमीर जेलेंस्की से मिलता है. इन नामों की वजह से यह चुनाव सोशल मीडिया पर चकल्लस और चर्चा का विषय बन गया है.
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार चार्ल्स हिटलर ने बात करते हुए कहा कि यह पूरी तरह पागलपन हो गया है. मेरी जिंदगी में कभी-कभी लोग मेरे नाम पर मजाक करते थे. कभी-कभी लोग मेरे चुनाव पोस्टरों पर मूंछें (हिटलर की तरह) बना देते थे. लेकिन यह कभी बड़ी बात नहीं थी. उन्होंने आगे कहा कि अब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई है. “मैंने ऑनलाइन आर्टिकल देखे जिनमें लिखा है कि ‘आर्सी के 37% लोग हिटलराइट हैं.' मेरी पत्नी रो रही है.”
दोनों उम्मीदवारों के नाम की कहानी
चार्ल्स हिटलर ने बताया कि उनका परिवार उत्तरी अलसास क्षेत्र से है, जो जर्मन सीमा के पास है. उनके पिता एक चरवाहे थे और युद्ध के दौरान उन्हें जर्मनी के जबरन श्रम कार्यक्रम (लेबर ऑफिस) में ले जाया गया था. युद्ध के बाद जब उनके पिता लौटे तो उन्होंने उनकी मां से मुलाकात की. उस समय लोगों ने उन्हें अपना नाम बदलने की सलाह दी. यह 1949 की बात है, जब युद्ध की यादें अभी ताजा थीं. लेकिन नाम बदलना प्रशासनिक रूप से बहुत जटिल था और इसमें काफी पैसे भी लगते, इसलिए परिवार ने नाम नहीं बदला.
चार्ल्स हिटलर के अनुसार अब फ्रांस में उनके परिवार के बहुत कम लोग बचे हैं. अलसास में उनके चचेरे भाइयों के यहां केवल बेटियां हुईं, इसलिए वहां यह नाम धीरे-धीरे खत्म हो रहा है. उनके एक बेटे ने शर्मिंदगी से बचने के लिए अपने नाम का उच्चारण “हिट-ले” करना शुरू कर दिया है, और उनके पोते-पोती अपनी माताओं का सरनेम इस्तेमाल करते हैं. हालांकि उनकी एक बेटी और एक बहू अब भी हिटलर सरनेम इस्तेमाल करती हैं, और वे भी फ्रांस के दूसरे शहरों में नगर परिषद के चुनाव लड़ रही हैं.
वहीं दूसरे उम्मीदवार एंटोनी रेनॉ-जिलेंस्की की उम्र केवल 28 वर्ष है. वह एक कस्टम अधिकारी हैं और हाल ही में आर्सी आए हैं. उनके नाम का दूसरा हिस्सा यानी जिलेंस्की उनकी पोलिश मां से आया है. उन्होंने बताया कि लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि क्या उनका संबंध यूक्रेन के नेता व्लोडिमिर जिलेंस्की से है. इस पर उन्हें कहना पड़ता है कि ऐसा नहीं है, क्योंकि पोलिश नाम “जिलेंस्की” के अंत में “i” होता है, जबकि यूक्रेनी नाम “जेलेंस्की” के अंत में “y” होता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं