जम्मू:
पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ आसान बनाने की नीयत से नियंत्रण रेखा (एलओसी) से लगती 10 भारतीय चौकियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। सैन्य अधिकारियों ने यह जानाकारी रविवार को दी।
अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने जम्मू से लगभग 250 किलोमीटर दूर पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में शनिवार देर रात से गोलीबारी शुरू की, जो रविवार सुबह तक जारी रही।
एक अधिकारी ने बताया, "पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियारों, मशीनगनों तथा रॉकेटों का इस्तेमाल किया। रात 11 बजे तक अंधाधुंध गोलीबारी की गई। इसके बाद रुक-रुककर गोलीबारी हुई और यह सुबह सात बजे तक चलती रही।" उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की।
अधिकारी ने कहा, "दोतरफा गोलीबारी थम गई है। हमारी ओर से की गई गोलीबारी का मकसद था घुसपैठ रोकना और पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से की जा रही गोलीबारी को बंद कराना।"
सेना ने कहा कि इस तरह की गोलीबारी आम तौर पर आतंकवादियों को घुसपैठ कराने के उद्देश्य से की जाती है। लगभग 16 आतंकवादियों का समूह नियंत्रण रेखा पार कर जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ के प्रयास में है।
एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की कोशिश हालांकि नाकाम रही। यह सुनिश्चित करने के लिए कि गोलीबारी के दौरान कहीं कोई आतंकवादी घुसपैठ तो नहीं कर गया, इलाके की तलाशी ली जा रही है।
एक अन्य घटनाक्रम में कृष्णा घाटी सेक्टर की सालोत्री चौकी के नजदीक गश्त कर रहा एक जवान शनिवार शाम बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गया।
मेंढर कस्बे के लोगों ने कहा कि यह पाकिस्तानी एजेंटों की करतूत हो सकती है, जो भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 नवम्बर से लेकर अब तक इस तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सेना का एक मोटिया तथा तीन सैनिक घायल हो गए थे। इस वर्ष युद्धविराम संधि के उल्लंघन के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्धविराम संधि हुई थी।
अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने जम्मू से लगभग 250 किलोमीटर दूर पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में शनिवार देर रात से गोलीबारी शुरू की, जो रविवार सुबह तक जारी रही।
एक अधिकारी ने बताया, "पाकिस्तानी सेना ने छोटे हथियारों, मशीनगनों तथा रॉकेटों का इस्तेमाल किया। रात 11 बजे तक अंधाधुंध गोलीबारी की गई। इसके बाद रुक-रुककर गोलीबारी हुई और यह सुबह सात बजे तक चलती रही।" उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की।
अधिकारी ने कहा, "दोतरफा गोलीबारी थम गई है। हमारी ओर से की गई गोलीबारी का मकसद था घुसपैठ रोकना और पाकिस्तानी सैनिकों की तरफ से की जा रही गोलीबारी को बंद कराना।"
सेना ने कहा कि इस तरह की गोलीबारी आम तौर पर आतंकवादियों को घुसपैठ कराने के उद्देश्य से की जाती है। लगभग 16 आतंकवादियों का समूह नियंत्रण रेखा पार कर जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ के प्रयास में है।
एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की कोशिश हालांकि नाकाम रही। यह सुनिश्चित करने के लिए कि गोलीबारी के दौरान कहीं कोई आतंकवादी घुसपैठ तो नहीं कर गया, इलाके की तलाशी ली जा रही है।
एक अन्य घटनाक्रम में कृष्णा घाटी सेक्टर की सालोत्री चौकी के नजदीक गश्त कर रहा एक जवान शनिवार शाम बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गया।
मेंढर कस्बे के लोगों ने कहा कि यह पाकिस्तानी एजेंटों की करतूत हो सकती है, जो भारतीय सेना को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि 17 नवम्बर से लेकर अब तक इस तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सेना का एक मोटिया तथा तीन सैनिक घायल हो गए थे। इस वर्ष युद्धविराम संधि के उल्लंघन के 50 से अधिक मामले सामने आए हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच नवम्बर 2003 में युद्धविराम संधि हुई थी।
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