वाशिंगटन:
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से धन लेकर अनुचित ढंग से लामबंदी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए कश्मीरी अलगाववादी नेता गुलाम नबी फाई को एक लाख डॉलर के मुचलके पर जमानत दे दी गई, हालांकि रेडियो टैग के साथ उसे नजरबंद रखा गया है। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) ने बीते सप्ताह फाई को गिरफ्तार किया था। वाशिंगटन के निकट एलेकजेंड्रिया की जिला अदालत के न्यायाधीश रावेल्स जोंस ने फाई को जमानत देने का आदेश दिया, हालांकि उसे नजरबंद रखने की भी बात कही। उसे रेडियो टैग पहनाया गया है, ताकि उस पर निगरानी रखी जा सके। फाई से कहा गया है कि वह वर्जीनिया के फेयरफैक्स स्थिति आवास में पत्नी के साथ रह सकता है। उसे और उसकी पत्नी चांग निंग यिंग क्यू से कहा अपने पासपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। उसकी पत्नी चीन मूल की है। इससे पहले, अभियोजकों ने अमेरिकी अदालत को बुधवार को जानकारी दी कि कश्मीर में आत्मनिर्णय के लिए अभियान चलाने वाले फाई पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई के निर्देशों पर काम कर रहा था। अभियोजकों ने कहा कि आईएसआई ने कश्मीर मुद्दे पर अमेरिकी नीति को प्रभावित करने के लिए फाई को कम से कम 40 लाख डॉलर की रकम उपलब्ध कराई थी। फाई के वकीलों ने हालांकि इन दावों को खारिज करते हुए जिरह की कि कश्मीरी अमेरिकी परिषद के प्रमुख ने हमेशा ही स्वतंत्र कश्मीर के हितों का समर्थन किया है। एफबीआई की विशेष एजेंट सारा वेब लिंडेन ने अदालत को बताया कि आईएसआई ने फाई के साथ अपनी बातचीत में हमेशा आत्मनिर्णय की बात को उठाया। लिंडेन ने अदालत से कहा कि फाई की हर बैठक में एजेंडे और भाषणों में उन्हें पाकिस्तान के आईएसआई अधिकारियों की ओर से खास बिंदु बताए जाते थे। लिंडेन ने कहा कि फाई ने वही किया, जो आईएसआई ने उससे करने को कहा। फाई मामले में अहम भूमिका निभाने वाली और उनसे कई बार पूछताछ करने वाली लिंडेन बचाव पक्ष के वकील खुर्रम वाहिद के सवालों का जवाब दे रही थीं। वाहिद का कहना था कि फाई ने कश्मीर के मुद्दे पर स्वतंत्र पक्ष रखा। वाहिद ने कहा, अगर आप उनके सभी भाषण, संदेश और सम्मेलन देखेंगे, यह बहुत स्पष्ट है कि उन्होंने कश्मीर में जो हो रहा है, उसके बारे में हमेशा बहुत संतुलित तस्वीर पेश की। यह पाकिस्तान सरकार की तस्वीर नहीं थी। यह स्वतंत्र स्वायत्त कश्मीर की तस्वीर थी। लिंडेन ने कहा कि पाकिस्तानी नेता कश्मीर पर अलग समय में अलग बातें करते हैं लेकिन आईएसआई ने फाई से जब भी बात की तो यह हमेशा आत्म निर्णय की बात थी। अमेरिकी एटॉर्नी गार्डन क्रोमबर्ग ने भी आरोप लगाया कि फाई पिछले दो दशकों से आईएसआई का एजेंट था। उन्होंने अदालत से कहा कि गिरफ्तारी के बाद 19 जुलाई को पूछताछ के दौरान फाई ने आईएसआई के साथ अपने संबंध और आईएसआई से पैसे मिलने की बात स्वीकार की।
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