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40000 की आबादी वाला देश जहां 307 साल बाद सिंहासन पर बैठ सकती है कोई महिला

स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच बसा है लिकटेंस्टीन नाम का यह देश. जानिए यहां के शाही घराने ने क्या फैसला लिया है.

40000 की आबादी वाला देश जहां 307 साल बाद सिंहासन पर बैठ सकती है कोई महिला
लिकटेंस्टीन ने शाही उत्तराधिकार के नियमों को बदल दिया है

स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच बसे एक छोटे से देश ने बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली के छतरपुर से भी कम आबादी वाले देश, लिकटेंस्टीन ने घोषणा की है कि उसने शाही उत्तराधिकार के नियमों में बदलाव कर दिया है. अब यहां के सिंहासन पर केवल पुरुष नहीं, महिलाएं भी बैठ सकेंगी, गद्दी संभाल सकेंगी. मध्य यूरोप के इस देश में राष्ट्रीय दिवस पर यह घोषणा की गई. इस देश की आबादी सिर्फ 44 हजार लोगों की है.

बीबीसी की रिपोर्टे के अनुसार लिकटेंस्टीन के मौजूदा शासक प्रिंस हंस-एडम द्वितीय हैं और 1989 से शाही परिवार के प्रमुख हैं. वैसे नियमों में इस बदलाव का असर उनके उत्तराधिकारी, प्रिंस एलॉइस पर नहीं पड़ेगा. वजह है कि प्रिंस एलॉइस उनकी पहली संतान हैं. लेकिन अगर भविष्य में किसी भी शासक की पहली संतान लड़की होती है, तो उसी ही अगला शासक बनाया जाएगा.

एलॉइस पिछले दो दशकों से शाही परिवार के ज्यादातर आधिकारिक कामकाज संभाल रहे हैं.

लिकटेंस्टीन के शाही घराने ने क्या कहा?

लिकटेंस्टीन के शाही घराने ने कहा, अब राजा की गद्दी का उत्तराधिकारी तय करने में पुरुषों को प्राथमिकता नहीं मिलेगी. इसका मतलब है कि भविष्य में पहली संतान, चाहे वह लड़का हो या लड़की, गद्दी की उत्तराधिकारी बनेगी और बाद में लिकटेंस्टीन की राजकुमारी या राजकुमार बनेगी."

एक बयान में एलॉइस ने कहा: "कानून में इस बदलाव के जरिए हम यह पक्का करना चाहते हैं कि लिकटेंस्टीन रियासत और शाही घराने का नेतृत्व वही व्यक्ति करे जो इस जिम्मेदारी के लिए सबसे अच्छी तरह तैयार हो."

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बता दें कि लिकटेंस्टीन स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच बसा एक छोटा सा देश है जो चारों तरफ से जमीन से घिरा हुआ है. यानी डबली-लैंडलॉक्ड है. यहां के शासक के पास व्यापक राजनीतिक शक्तियां हैं, जो यूरोप के कई अन्य शासकों के पास नहीं होतीं. अगर लिकटेंस्टीन के शाही परिवार की बात कर रहे हो, तो इसका राजवंश 1608 से है. यानी करीब 418 साल पुराना शाही परिवार है. 1608 में कार्ल प्रथम को लिकटेंस्टाइन का वंशानुगत राजकुमार बनाया गया था. एक जरूरी फर्क यहां नोट करने लायक है. भले परिवार या वंश 1608 से, लेकिन आज के लिकटेंस्टाइन देश पर इस परिवार का शासन 1719 से माना जाता है.

लिकटेंस्टीन 1719 में पवित्र रोमन साम्राज्य के अंतर्गत एक संप्रभु रियासत बना. 1806 में उसे शुरुआती बाहरी संप्रभुता मिली, और 1866 में 15 अगस्त को जर्मन परिसंघ के विघटन के साथ उसे पूरी आजादी मिली.. बाद में 1940 में इसी तारीख को राष्ट्रीय दिवस के रूप में अपनाया गया.

इससे पहले 2011 में, ब्रिटेन ने अपने उत्तराधिकार कानूनों में बदलाव किया था ताकि राजा या रानी की पहली बेटी भी गद्दी की उत्तराधिकारी बन सके.

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