नई दिल्ली:
सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष ऐसे 26 लोगों के नामों का खुलासा किया, जिनके लिस्टेंस्टीन बैंक में खाते थे। जर्मनी के अधिकारियों ने भारत को इन नामों की सूची सौंपी है।
न्यायमूर्ति एचएल दत्तू, न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई और न्यायमूर्ति मदन बी.लोकूर की पीठ को महाधिवक्ता मोहन प्रासरन ने इन नामों की सूची सौंपी। प्रसरन ने दो सीलबंद लिफाफे में, जिसमें से एक में 18 व्यक्तियों के और दूसरे में आठ व्यक्तियों के नाम मौजूद हैं, न्यायालय को यह सूची सौंपी।
पहले लिफाफे में सूचीबद्ध 18 ऐसे लोगों के नाम हैं, जिनके खिलाफ आय कर विभाग ने जांच पूरी कर ली है, और उनमें से 17 के खिलाफ मुकदमा शुरू कर दिया गया है। एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। कोर्ट को बताया गया कि दूसरे लिफाफे में ऐसे लोगों के नाम हैं, जिन पर भारतीय कर कानूनों के तहत कर चोरी को कोई मामला नहीं बनता।
वरिष्ठ वकील अनिल दीवान ने न्यायालय से इन आठ लोगों के नामों का भी खुलासा करने की अपील की, इस पर न्यायमूर्ति दत्तू ने कहा कि वह न्यायमूर्ति देसाई और न्यायमूर्ति लोकूर के साथ इस मामले पर विचार विमर्श कर कोई फैसला करेंगे। न्यायालय ने मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।