
जापान सरकार ने उन हजारों लोगों से माफी मांगी है जिनकी ‘युजेनिक्स प्रोटेक्शन' कानून (Eugenic Protection Law) के तहत जबरन नसबंदी कराई गई थी. सरकार ने पीड़ितों को मुआवजा देने का भी वादा किया है.
मुख्य कैबिनेट सचिव योशिहिदे सुगा ने कहा कि वह पीड़ितों से ‘‘दिल से माफी मांगते'' हैं. जापान की संसद ने बुधवार (24 अप्रैल) को एक विधेयक पारित किया जिसके तहत हर पीड़ित को 28,600 डॉलर (करीब 20 लाख रुपये) मुआवजा मुहैया कराने समेत पीड़ितों की मदद की जाएगी.
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जापान में 1948 युजेनिक्स सुरक्षा कानून 1996 लागू किया गया था. इस दौरान 25,000 लोगों की उनकी मर्जी के बिना नसबंदी की गई थी. इस कानून के तहत चिकित्सकों को अक्षम लोगों की नसबंदी करने की अनुमति थी.
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