- दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट में एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला किया था- रिपोर्ट
- फ्लाइट ने इमरजेंसी सिग्नल और हाईजैकिंग से जुड़ा अलर्ट कोड भेजा था जिसके बाद इजरायल लड़ाकू विमान भेजे गए
- हमला करने वाले पायलट ने विमान को क्रैश करने की कोशिश की जिसे दूसरे पायलट और यात्रियों ने रोका- रिपोर्ट
UAE के दुबई से इजरायल जा रहे एक पैसेंजर प्लेन में वो सबकुछ हुआ जो होना नहीं चाहिए था. सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करने वाले प्लेन के एक पायलट ने दूसरे को चाकू से घोपा और कथित तौर पर इस प्लेन को जानबूझकर क्रैश करने की कोशिश की गई. यह बात इजरायली न्यूज चैनल i24NEWS ने चश्मदीदों के हवाले से छापी है. इस प्लेन ने इमरजेंसी सिग्नल दिए थे और दूसरा सिग्नल एक ऐसा कोड था जो हाईजैकिंग से जुड़ा था. FlyDubai की इस फ्लाइट के इमरजेंसी अलर्ट भेजने के बाद ही इजरायल को अपने लड़ाकू विमान भेजने पड़े थे. इस प्लेन में लगभग 150 इजरायली पैसेंजर थे.
First images from @flydubai flight: one of the passengers with blood on his shirt https://t.co/zfJ4UsDeaO pic.twitter.com/XDLzuz0DbE
— Amichai Stein (@AmichaiStein1) September 30, 2026
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है?
i24NEWS की रिपोर्ट के अनुसार दोनों पायलट में से एक पायलट ने कथित तौर पर प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की. लेकिन फिर दूसरे पायलट और प्लेन में मौजूद इजरायली यात्रियों ने बीच-बचाव करके इसे रोक दिया. i24NEWS की रिपोर्ट के अनुसार प्लेन के एक यात्री ने कहा, “हमने चीखें सुनीं और खून देखा. पायलट को चाकू मारा गया था. कुछ पल ऐसे भी आए जब हमें लगा कि हम जिंदा नहीं बच पाएंगे.”
प्लेन मौजूद एक और पैसेंजर मिरियम ने चैनल 15 को बताया कि यात्रियों ने फ्लाइट के दौरान चिल्लाने की आवाज सुनी थी. जब कॉकपिट का दरवाजा खोला गया, तो अंदर खून ही खून था. उनके मुताबिक, एक पायलट पर फोल्डिंग चाकू से हमला किया गया था. यात्रियों और क्रू ने मिलकर दखल दिया और उसे रोका. इसके बाद, प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. मिरियम ने कहा कि एक समय यात्रियों को लगा कि वे जिंदा नहीं बच पाएंगे.
इजरायल के एक सीनियर अधिकारी ने भी चैनल 12 को बताया कि इस प्लेन में 'एक बहुत बड़ी तबाही को टाल दिया गया'. रिपोर्ट के अनुसार नाम न बताने की शर्त पर इस अधिकारी ने कहा कि को-पायलट की जांच की जा रही है, क्योंकि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि उसने प्लेन को क्रैश करने के मकसद से प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की थी.
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2 मिनट में 17,000 फीट नीचे गिरा प्लेन
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि सिर्फ दो मिनट में यह प्लेन 34,000 फीट की ऊंचाई से नीचे लगभग 16600 फीट पर आ गया. यानी 17400 फीट का ड्रॉप. इसके बाद, सुबह 1:32 बजे (ET) प्लेन से इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया. कुछ समय बाद इसने 7500 कोड भेजा. इस कोड का मतलब है कि या तो प्लेन हाईजैक हो गया है या जहां पायलट होते हैं (कॉकपिट) वहां कोई गैर-कानूनी तरह से आ गया है. आखिर में प्लेन डाइवर्ट होकर सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतरा. फिर इजरायली पीएम की ऑफिस की तरफ से साफ किया गया कि कम से कम यह मामला हाईजैकिंग से जुड़ा नहीं है.
बता दें कि 1960 और 1970 के दशक में फिलिस्तीनी उग्रवादियों ने कई बार प्लेन हाईजैक करके और उन पर हमले करके इजरायलियों को निशाना बनाया. फिर इजरायल में दशकों से प्लेन हाईजैक की कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन यहां दुनिया की सबसे सख्त एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था है. 2020 में इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच संबंध सामान्य होने के बाद से दोनों देशों के बीच कमर्शियल फ्लाइट्स चल रही हैं.
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