- डोनाल्ड ट्रंप ने भरोसा जताया कि अमेरिका और भारत जल्द ही व्यापार समझौता करेंगे, PM मोदी को अच्छा दोस्त बताया
- उन्होंने भारत पर आरोप लगाया है कि उसने सालों तक अमेरिका का फायदा उठाया है
- ट्रंप का दावा है कि अब स्थिति इसके ठीक उलट है. अमेरिका भारत से बहुत पैसा कमा रहा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भरोसा जताया कि अमेरिका और भारत जल्द ही एक व्यापार समझौते पर पहुंच जाएंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “अच्छा दोस्त” भी बताया है. हालांकि साथ ही उन्होंने भारत पर आरोप लगाया है कि उसने सालों तक अमेरिका का फायदा उठाया है, अमेरिकी सामानों पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाए और खुद कुछ नहीं दिया. ट्रंप का दावा है कि अब स्थिति इसके ठीक उलट है. अमेरिका भारत से बहुत पैसा कमा रहा.
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने गुरुवार को कहा, “मैं उनको (भारत) दोष नहीं देता, अपने लोगों को देता हूं क्योंकि हम बेवकूफ हैं. कई सालों तक भारत ने अमेरिका का फायदा उठाया... उन्होंने हम पर बहुत ज्यादा टैक्स (टैरिफ) लगाए और खुद कुछ नहीं दिया... अब स्थिति बिल्कुल उलटी है और हम भारत से बहुत पैसा कमा रहे हैं. लेकिन हम एक समझौते पर पहुंच जाएंगे क्योंकि मुझे आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत पसंद हैं. वह मेरे अच्छे दोस्त हैं और हम अच्छे से मिलते हैं. हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हैं.”
#WATCH | President Donald Trump says, "For years, India took advantage of the United States... They charged us tremendous tariffs and paid nothing... Now it is the exact reverse and we are making a lot of money with India. But we will get to a deal because I like your Prime… pic.twitter.com/IR2x2MqUV5
— ANI (@ANI) June 4, 2026
अमेरिका फिर नए टैरिफ लगाने की तैयारी में
मंगलवार को अमेरिका में कई देशों पर नए अतिरिक्त टैक्स (टैरिफ) लगाने का प्रस्ताव लाया गया. इसमें 10 प्रतिशत और 12.5 प्रतिशत का नया टैरिफ लगाया जा सकता है. अमेरिकी सरकार ने दावा किया कि जांच में पता चला है कि 60 देशों से आने वाले सामान को जबरन मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) से बनाया जाता है.
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने 54 देशों की लिस्ट जारी की, जिसमें भारत भी शामिल है. उनका कहना है कि इन देशों ने ऐसे कानून को ठीक से लागू नहीं किया है जो जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगाता है. इस सूची में ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, इजरायल, जापान, कतर और रूस समेत कई देश शामिल हैं.
किस कानून का इस्तेमाल कर रहे ट्रंप?
यूएसटीआर के अनुसार यह कदम 1974 के व्यापार कानून (ट्रेड एक्ट) की धारा 301 के तहत लिया गया है. यह कानून 60 देशों पर उनके उन कामों, नीतियों और तरीकों के खिलाफ कदम उठाने की अनुमति देता है, जिन्हें वह जबरन मजदूरी से बने सामान पर रोक न लगाने जैसा मानता है. इसे अमेरिका के व्यापार के लिए गलत और बोझ बताया गया है.
यूएसटीआर ने 6 अर्थव्यवस्थाओं को खास तौर पर निशाना बनाय है जिन्होंने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक को ठीक से लागू नहीं किया है. इनमें यूरोपीय संघ, पाकिस्तान और कनाडा शामिल हैं.
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