अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप का कहना है कि मौजूदा संघर्ष अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद समाप्त हो जाएगा क्योंकि ईरान अब लंबे समय तक इस स्थिति को बनाए रखने की स्थिति में नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है ताकि वॉशिंगटन में ऐसी सरकार आए जो उसके प्रति नरम रुख अपनाए. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका फिलहाल किसी समझौते की तलाश में नहीं है और ईरान की क्षमताओं को हालिया सैन्य कार्रवाइयों से गंभीर नुकसान पहुंचा है.
चुनाव और युद्ध को लेकर ट्रंप का दावा
रिपब्लिकन मिडटर्म सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए टेक्सास के डलास रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि युद्ध का अंत चुनावों के तुरंत बाद हो जाएगा.
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का मुख्य उद्देश्य परमाणु हथियार प्राप्त करना है और यदि ऐसा हुआ तो पूरी दुनिया गंभीर संकट में पड़ जाएगी.
ईरान के पास विकल्प कम बचे: ट्रंप
जब उनसे पूछा गया कि उन्हें इतनी जल्दी संघर्ष समाप्त होने का भरोसा क्यों है, तो उन्होंने कहा कि ईरान अब ज्यादा समय तक दबाव झेलने की स्थिति में नहीं है. ट्रंप ने कहा, 'वे अब और ज्यादा देर तक टिक नहीं सकते. वे बेहद परेशान हैं और चुनाव को प्रभावित करना चाहते हैं ताकि उन्हें नरम रवैये वाली सरकार मिल सके. उन्हें सिर्फ परमाणु हथियार चाहिए और अगर उनके पास परमाणु हथियार आ गया तो पूरी दुनिया गहरे संकट में पड़ जाएगी.'
फिलहाल समझौते की जल्दबाजी नहीं
एक अन्य सवाल के जवाब में ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका फिलहाल किसी नई वार्ता के लिए उत्सुक नहीं है. उन्होंने कहा कि शुरुआत में उनकी इच्छा एक समझौता करने की थी, लेकिन हालात अब काफी आगे बढ़ चुके हैं. उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो हम अभी इसकी तलाश में नहीं हैं. शुरुआत में मैं समझौता करना चाहता था, लेकिन अब हालात काफी बदल चुके हैं. उनके पास बहुत कम देश बचा है. बातचीत संभव है, लेकिन फिलहाल हम उसे सक्रिय रूप से नहीं तलाश रहे हैं.' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में होने वाला कोई भी समझौता केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित नहीं रहेगा.
परमाणु समझौते से आगे की बात
ट्रंप ने कहा कि भविष्य की किसी संभावित वार्ता में केवल परमाणु कार्यक्रम ही नहीं बल्कि कई अन्य मुद्दे भी शामिल होंगे. उनके अनुसार, 'हम सिर्फ परमाणु समझौते की बात नहीं कर रहे हैं. परमाणु समझौता तो लगभग तय है, लेकिन अब मेज पर कई ऐसे विषय होंगे जो तीन महीने पहले नहीं थे.'
ईरानी टैंकरों पर अमेरिकी कार्रवाई का दावा
ट्रंप ने हालिया सैन्य कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान की समुद्री और तेल परिवहन क्षमता को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा, 'हमने उनके नौ जहाजों को निष्क्रिय कर दिया है. हमने उनके लगभग नौ तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया है और आगे भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा.' इस बयान के साथ उन्होंने क्षेत्र में आगे और कार्रवाई की संभावना के संकेत भी दिए.
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव
ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी बलों ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े पांच टैंकरों को निशाना बनाया. यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर कथित मिसाइल हमलों के जवाब में की गई थी. अमेरिका का कहना है कि उसके युद्धपोत ने सभी हमलों से सफलतापूर्वक बचाव किया और किसी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा. दूसरी ओर, घटनाक्रम के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य उपयोग वाले मुवाफ्फक सालती एयर बेस को मिसाइलों से निशाना बनाया.
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