- ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी पर लोकप्रियता गिरने और अमेरिका के साथ सहयोग न करने का आरोप लगाया
- जार्जिया मेलोनी ने ट्रंप के फोटो खिंचवाने के बयान को गलत बताया और उनके व्यवहार पर असंतोष जताया
- ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर बताया और कहा कि उनके पास नौसेना और वायु सेना नहीं बची है
डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर पुराने तेवर में दिखे हैं. पिछले एक घंटे में उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल पर तीन ट्वीट किए. पहले में उन्होंने ईरान के जरिए ओबामा और बाइडेन को जमकर लपेटा. उसके बाद ईरान का मजाक उड़ाया और फिर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को भी जमकर सुना दिया. नाटो को भी ट्रंप ने इन सबके बीच नहीं छोड़ा.
ओबामा स्लीपी जो बाइडेन
पहले ट्वीट में ट्रंप ने लिखा, 'कट्टरपंथी वामपंथी बेवकूफों और डेमोक्रेट्स को यह समझ आ गया है कि ईरान के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमने कितनी कामयाबी हासिल की है; ईरान को सैन्य रूप से पूरी तरह हार का सामना करना पड़ा है. ओबामा बस उन्हें अरबों डॉलर नकद देते रहे और दुनिया में आतंकवाद को सबसे ज़्यादा बढ़ावा देने वाले देश, ईरान पर लगाम लगाने के लिए हमारी उस समय कमजोर हो चुकी सेना का कभी इस्तेमाल नहीं किया. वे ओबामा की जरा भी इज्जत नहीं करते थे. वे उन्हें 'स्लीपी जो बाइडेन' की तरह ही एक कमजोर और बेअसर नेता मानते थे, और इस मामले में वे 100% सही थे. मेरे आने से पहले तक, ईरान 47 सालों तक मनमानी करता रहा. फिर सब कुछ बदल गया. अमेरिका की वापसी हो गई है.'
जार्जिया मेलोनी की लोकप्रियता गिरी
फिर नंबर आया इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी का. ट्रंप ने दूसरे ट्वीट में लिखा, 'फ्रांस में G-7 मीटिंग के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी ने बार-बार मेरे साथ तस्वीर खिंचवाने की गुजारिश की. इटली में उनकी लोकप्रियता का स्तर गिर रहा है, शायद इसलिए क्योंकि जब ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने या बनाने से रोकने की बात आई, तो उन्होंने अमेरिका का साथ देने से इनकार कर दिया (हालांकि NATO ने भी ऐसा ही किया था!). उन्होंने हमें इटली के लैंडिंग स्ट्रिप्स या रनवे का इस्तेमाल भी नहीं करने दिया, जिससे बहुत बड़ी लॉजिस्टिकल दिक्कत हुई; और यह तब हुआ जब अमेरिका इटली और दूसरे "तथाकथित" NATO सहयोगियों की सुरक्षा के लिए हर साल अरबों डॉलर खर्च करता है. अब, जब अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है, तो वह अपनी "लोकप्रियता बढ़ाने" के लिए फिर से दोस्ती करना चाहती हैं. नहीं, शुक्रिया!!!'
क्यों हुआ ट्रंप का मेलोनी से विवाद
आपको बता दें कि ट्रंप ने अभी कुछ दिनों पहले ही कहा था, 'जी7 मीटिंग के दौरान मेलोनी मेरे आई थीं और कह रही थीं कि प्लीज मेरे साथ एक फोटो खिंचवा लीजिए. वह मेरे साथ एक फोटो चाहती थीं.' इसके जवाब में मेलोनी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने कहा, 'डोनाल्ड ट्रंप का बयान गलत है. उन्होंने एक मनगढ़ंत कहानी सुनाई है. ऐसी चीजों पर तत्काल जवाब देना चाहिए और वही मैं दे रही हूं. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप का बयान पूरी तरह गलत और हैरान करने वाला है. मुझे नहीं पता कि अमेरिका के राष्ट्रपति अपने सहयोगियों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों करते हैं. ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. मैं बस इतना कह सकती हूं कि यह निराशाजनक है कि वे पश्चिम और अमेरिका के दुश्मनों के प्रति वैसी सख्ती नहीं दिखाते, बल्कि उनके नेताओं के साथ वे नरमी से पेश आते हैं. उन्हें एक बात याद रखनी चाहिए. न तो मैं और न ही इटली कभी किसी के आगे गिड़गिड़ाते हैं.' अब फिर से ट्रंप ने इसी का जवाब ट्रूथ के जरिए मेलोनी को दिया है.
मेलोनी का जवाब वाला वीडियो
Io e l'Italia non imploriamo mai. pic.twitter.com/sTpKlqWB67
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) June 19, 2026
ईरान के पास ना नौसेना, ना वायु सेना
फिर तीसरे ट्वीट में ट्रंप ने लिखा, 'कितनी मजेदार बात है कि 'डमोक्रेट्स' (Dumocrats) कहते हैं कि ईरान आज तीन महीने पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत स्थिति में है, जबकि सच तो यह है कि उन्हें सैन्य रूप से हराया जा चुका है और उनके पास ना तो कोई नौसेना है और ना ही वायु सेना. इसीलिए मैं उन्हें 'डमोक्रेट्स' कहता हूं!!!'
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