- समंदर के रास्ते स्पेन में मोरक्को से हजारों की भीड़ घुस गई है, हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सेना भेजनी पड़ी
- ऐसे में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्पेन के साथ खुले सीमा समझौते को भी रोकने की चेतावनी दे दी है
- उनका कहना है कि इस तरह अनियंत्रित और अवैध रूप से लोगों का आना यूरोप की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है
स्पेन के शहर स्यूटा में अचानक मोरक्को से हजारों प्रवासियों के अवैध रूप से पहुंचने से पूरे यूरोप में हड़कंप मच गया है. इस घुसपैठ का वीडियो सामने आया है, लोग समंदर और जमीन, दोनों रास्ते से स्पेन में घुस गए हैं. 18 की मौत हो गई है. हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्पेन के साथ खुले सीमा समझौते को भी रोकने की चेतावनी दे दी है. इटली का कहना है कि इस तरह अनियंत्रित और अवैध रूप से लोगों का आना यूरोप की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.
NEW: Spain is now deploying its military after thousands of military-aged men stormed over the border into Ceuta, Spain.
— Collin Rugg (@CollinRugg) July 30, 2026
Ceuta authorities are calling on Madrid to declare a national emergency after the border "totally collapsed."
"The situation is absolute chaos. It's not… pic.twitter.com/Mpe5Lc1xlK
मेलोनी ने क्या कहा?
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने गुरुवार को कहा कि स्पेन में जो कुछ हुआ, उसे देखते हुए उनकी सरकार बड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है. इनमें स्पेन के साथ शेंगेन समझौते को अस्थायी रूप से रोकना भी शामिल हो सकता है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में मेलोनी ने कहा कि स्यूटा से सामने आई तस्वीरें इस बात का "स्पष्ट सबूत" हैं कि अनियंत्रित अवैध प्रवासन यूरोप की सीमाओं की सुरक्षा के लिए वास्तविक खतरा है.
उन्होंने बताया कि उन्होंने इटली के गृह मंत्री मत्तेओ पियांतेदोसी से सीधे बात की है. साथ ही, सरकार की सुरक्षा एजेंसियों की बैठक बुलाई जा रही है, ताकि इस स्थिति पर आधिकारिक प्रतिक्रिया तय की जा सके. इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस संकट को चुपचाप नहीं देखेगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि उच्चस्तरीय बैठकों के फैसले के आधार पर इटली अपनी सीमाओं और लोगों की सुरक्षा के लिए असाधारण कदम उठाने के लिए तैयार है. उन्होंने खास तौर पर स्पेन के साथ खुले सीमा वाले शेंगेन समझौते को रोकने के विकल्प का भी जिक्र किया.
Le immagini che arrivano da Ceuta sono impressionanti e dimostrano, ancora una volta, che l'immigrazione clandestina fuori controllo rappresenta una minaccia concreta per la sicurezza dei confini europei.
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) July 30, 2026
Mi sono confrontata con il Ministro dell'Interno Matteo Piantedosi.…
शेंगेन समझौता क्या है?
शेंगेन एरिया समझौता यूरोप के कई देशों के बीच एक व्यवस्था है, जिसके तहत सदस्य देशों के नागरिक और यात्री बिना बार-बार पासपोर्ट जांच के एक देश से दूसरे देश में जा सकते हैं. इस समझौते पर पहली बार 14 जून 1985 को लक्जमबर्ग के शेंगेन नाम के एक छोटे शहर में हस्ताक्षर किए गए थे. बाद में 1990 में इसके नियमों को और विस्तार दिया गया और 1995 से इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देना है. आज शेंगेन क्षेत्र में 29 यूरोपीय देश शामिल हैं, हालांकि सभी यूरोपीय देश इसका हिस्सा नहीं हैं. इस समझौते का नाम उसी शहर शेंगेन के नाम पर रखा गया है, जहां इसे पहली बार मंजूरी मिली थी.
स्पेन में क्या हुआ
स्पेन के सरकारी टीवी चैनल टीवीई के अनुसार, गुरुवार को करीब 2,000 से 3,000 लोग स्यूटा में दाखिल हुए. ज्यादातर लोग दोपहर से पहले ही सीमा पार करने में सफल रहे. यहां स्थिति को कंट्रोल करने के लिए सेना को भेजना पड़ा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 19 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं.
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