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क्या ट्रंप के हमलावर ने काश पटेल को हिंदू होने की वजह से टारगेट लिस्ट में नहीं रखा?

Donald Trump Assassination Attempt: 31 साल के कोल टोमस एलन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश का आरोप लगाया गया है. उसे सोमवार, 27 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया.

क्या ट्रंप के हमलावर ने काश पटेल को हिंदू होने की वजह से टारगेट लिस्ट में नहीं रखा?
Donald Trump Assassination Attempt: डोनाल्ड ट्रंप के हमलावर ने काश पटेल को टारगेट से बाहर क्यों रखा

Donald Trump Assassination Attempt: अमेरिका में राष्ट्रपति को ही मारने की कोशिश की गई थी. हमलावर ने मौका चुना व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के इवेंट का. यहां गोलीबारी से पहले हमलावर कोल टॉमस एलन ने एक मैनिफेस्टो (घोषणापत्र) अपने परिवार को भेजा था. इसमें उसने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके अन्य मंत्रियों और अधिकारियों को जान से मारने की मंशा बताई थी. लेकिन इसमें सिर्फ एक अहम व्यक्ति को छोड़ दिया गया था- FBI के डायरेक्टर काश पटेल. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर काश पटेल को हमलावर ने अपने किल लिस्ट में शामिल क्यों नहीं किया, उन्हें क्यों “बख्शा” गया?

इसी सवाल का जवाब अब अमेरिका की जांच एजेंसियां खोज रही हैं. द न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी कई तरह की थ्योरी (संभावनाएं) जांच रहे हैं- इसके पीछे विचारधारा से लेकर ऑपरेशन की जरूरत और धर्म तक जैसी कई वजहों को तलाशा जा रहा है. जांच में एक थ्योरी यह भी है कि एलन, जिसके अंदर ईसाई धर्म के खिलाफ भावना थी, उसने काश पटेल को इसलिए बाहर रखा क्योंकि वह धर्म से हिंदू हैं. द न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार एक सूत्र ने कहा, “(एलन) काफी एंटी-क्रिश्चियन था और काश हिंदू हैं.”

अन्य थ्योरी की भी हो रही जांच

सूत्रों ने यह भी कहा कि एक और कारण यह हो सकता है कि एलन कानून लागू करने वाली एजेंसियों (लॉ एन्फोर्समेंट) को निशाना नहीं बनाना चाहता था और उसका मुख्य फोकस सिर्फ ट्रंप पर था, जिनके खिलाफ उसने अपने मैनिफेस्टो में गुस्सा जाहिर किया है. एक सूत्र ने द पोस्ट से कहा, “यह सब अभी अनुमान ही है, लेकिन उसने विस्तार से बताया कि वह सभी कानून एजेंसियों को निशाना क्यों नहीं बना रहा था, इसलिए लगता है कि मामला उससे जुड़ा है.”

एक अन्य सूत्र ने दावा किया कि एलन ने “खास तौर पर कहा था कि वह कानून एजेंसियों को निशाना नहीं बनाना चाहता.” इसी वजह से काश पटेल को उसकी किल लिस्ट से बाहर रखा गया. हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सभी थ्योरी की अभी जांच चल रही है ताकि हमलावर के असली मकसद को समझा जा सके.

बता दें कि  मैनिफेस्टो से साफ था कि एलन का इरादा डिनर में मौजूद सरकार के टॉप नेताओं और अधिकारियों को निशाना बनाना था. 1052 शब्दों के इस दस्तावेज में लिखा था, “प्रशासन के अधिकारी (पटेल को छोड़कर): ये ही लक्ष्य हैं, जिन्हें उनके पद के हिसाब से ऊपर से नीचे तक प्राथमिकता दी गई है.”

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