- अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन लगभग तीन सौ तीस मीटर लंबा और सत्तर सात मीटर चौड़ा है
- ईरान ने फरवरी के अंत में इस युद्धपोत पर मिसाइल हमलों का दावा किया और कहा कि वह हजारों किलोमीटर दूर भाग गया है
- अब्राहम लिंकन जनवरी के अंत में ईरान के करीब पहुंचा था, जिसके बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था
ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग में सबसे ज्यादा कोई युद्धपोत चर्चा में रहा, तो वह अमेरिकी सेना का 'यूएसएस अब्राहम लिंकन' है. यह लगभग 333 मीटर लंबा और 77 मीटर चौड़ा है. इसमें 65 से ज्यादा लड़ाकू विमानों को ले जाया जा सकता है. इसलिए इसे 'चलता-फिरता सैन्य अड्डा' भी कहा जाता है. 28 फरवरी को शुरू हुई जंग के अगले ही दिन ईरान ने इस युद्धपोत पर 4 मिसाइलें दागने का दावा किया था. हालांकि, अमेरिका ने इसे झूठा बताया था.
अब ईरान ने एक और बड़ा दावा किया है. अब ईरान का दावा है कि उसने जो मिसाइलें दागी थीं, उससे डरकर अमेरिकी सेना का यह जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन ईरान से हजारों किलोमीटर दूर भाग गया है.
यूएसएस अब्राहम लिंकन जनवरी के आखिरी में ईरान के करीब पहुंचा था. इसके पहुंचने के बाद ही ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका और बढ़ गई थी. इसकी तैनाती के लगभग एक महीने बाद ही अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमला कर दिया था, जिसमें उसके सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी.

ईरान का दावा क्या है?
दावा किया जा रहा है कि ईरानी हमलों की वजह से अमेरिका का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर 'यूएसएस अब्राहम लिंक' अपनी पोजिशन से लगभग एक हजार किलोमीटर दूर चला गया है. ईरान समर्थक सोशल मीडिया हैंडल्स पर ये दावा किया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को यही एयरक्राफ्ट कैरियर एस्कॉर्ट करने वाला था लेकिन वही ईरानी हमलों से डकर हजार किलोमीटर दूर भाग गया है.
The USS Abraham Lincoln, which was supposed to escort Western oil tankers through the Strait of Hormuz, fled to a distance of 1,000 kilometers from Iran after four Iranian missiles were fired. https://t.co/UHxYgZF60y
— Iran Military Monitor ☫ (@IRIran_Military) March 10, 2026
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि यूएसएस अब्राहम लिंकन होर्मुज स्ट्रेट के पास के पानी से हट गया है. ईरानी न्यूज एजेंसी मिजान के मुताबिक, IRGC के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के एक प्रवक्ता ने कहा कि ईरानी ड्रोन के हमले से पहले यूएसएस अब्राहम लिंकन होर्मुज स्ट्रेट के लगभग 340 किलोमीटर तक अंदर आ गया था.
प्रवक्ता ने कहा, 'यूएसएस अब्राहम लिंक ईरानी टेरिटोरियल पानी के पास पहुंचा था, उस पर ईरानी नेवी के ड्रोन ने हमला किया और वह अपने डिस्ट्रॉयर के साथ भाग गया.'
क्या है इस दावे की सच्चाई?
ईरान की ओर से जो दावे किए जा रहे हैं, उनमें फिलहाल तो कोई सच्चाई नजर नहीं आती. समुद्री जहाजों को ट्रैक करने वाली वेबसाइट मरीन ट्रैफिक पर 9 मार्च को कुछ समय के लिए यूएसएस अब्राहम लिंकन दिखा था लेकिन उसके बाद से उसे ट्रैक नहीं किया जा सका है.
नौसेना के जहाजों के साथ ये कोई नई बात नहीं है. ऐसे जहाज अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर देते हैं ताकि उन्हें ट्रैक न किया जा सके. खासकर जंग के माहौल में. इसलिए ये कहना मुश्किल है कि इस वक्त अब्राहम लिंक आखिर कहां पर है.
हालांकि, 9 मार्च को ही पास से गुजर रहे एक मर्चेंट शिप के नाविकों ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें दिख रहा था कि इस युद्धपोत से F16 सुपर हॉर्नेट विमान टेक ऑफ कर रहे हैं.
लिहाजा, ईरानी समर्थक हैंडल से जो दावा किया जा रहा है, उसकी गुंजाइश कम है. क्योंकि ऐसे एयरक्राफ्ट कैरियर अकेले नहीं चलते. उनके साथ लड़ाकू विमानों का पूरा बेड़ा होता है, जिसे कैरियर बैटल ग्रुप कहते हैं. कैरियर तक पहुंचने के लिए ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को कई लेवल पार करने होंगे, जो बहुत मुश्किल है.
🚫First the Iranian regime claimed and re-claimed (five days in a row) that it sank USS Abraham Lincoln (CVN 72). Now, the regime claims the aircraft carrier has miraculously resurfaced and "left the battlefield" after "encountering Iranian missiles and drones." NEED WE SAY MORE?… pic.twitter.com/BZw9PT0q5f
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 6, 2026
इतना ही नहीं, 7 मार्च को यूएस सेंट्रल कमांड ने भी इस युद्धपोत की अरब सागर में मौजूदगी की तस्वीरें साझा की थीं. यूएस सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा था, 'ईरानी सरकार दावा कर रही है कि उसने यूएसएस अब्राहम लिंकन (CVN 72) को डुबो दिया था. अब उनका दावा है कि ईरानी मिसाइलों और ड्रोन का सामना करने के बाद युद्ध के मैदान से चला गया है. क्या हमें कुछ और कहने की जरूरत है? अरब सागर में आज की तस्वीरें.'
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